नर्मदापुरम/ प्रदीप गुप्ता /फिल्मी गीत के बोल की तरह इस सप्ताह शाम के पश्चिम आकाश में सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर और चमचमाता वीनस एक दूसरे से मिलने को आतुर हैं। हंसियाकार चंद्रमा कल 22फरवरी को दोनो के मिलन का गवाह बनने जा रहा है। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञानप्रसारक सारिका घारू ने विद्याविज्ञान कार्यक्रम में बताया कि सूर्यास्त के बाद पश्चिम में दो चमकते ग्रह इस समय दिख रहे हैं। इनमें से जो नीचे की ओर तेज चमक के साथ है वह पृथ्वी का पड़ौसी शुक्रग्रह है, जो कि आज पृथ्वी से लगभग 21 करोड़ किमी दूर रहते हुये माईनस 3.9 मैग्नीट्यूड से चमक रहा होगा। इसके उपर बृहस्पति ग्रह स्थित होगा जो कि लगभग 85 करोड़ किमी दूर रहते हुये माईनस 2.1 मैग्नीट्यूड से चमकता दिखेगा। इन दोनों चमचमाते ग्रहों के बीच आज हंसियाकार चंद्रमा दिखेगा जो कि पृथ्वी से लगभग 3 लाख 66 हजार किमी दूर रहते हये इन दोनों ग्रहों के होने जा रहे मिलन की सूचना देगा। सारिका ने बताया कि आने वाले 7 दिनो तक हर शाम जब इन ग्रहों को देखेंगे तो ये हर शाम पास आते दिखेंगे और अंत में दोनो एक दूसरे में समाये से दिखने लगेंगे जिसे कि खगोल विज्ञान में कन्जक्शन कहा जाता है। तो तैयार हो जाईये सूर्यास्त की लालिमा के बाद इन खगोलीय पिंडों की चमचमाती मुलाकात का गवाह बनने के लिये। पर समय का ध्यान रखियेगा यह घटना शाम लगभग 8 बजे तक ही ठीक से दिख पायेगी।

