नर्मदापुरम / प्रदीप गुप्ता / एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मी संघ की जिला अध्यक्ष रुपाली तिवारी ने बताया कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा लगातार अपनी जायज माग एवं अधिकारों को शासन प्रशासन के समक्ष रखा जा रहा है, परंतु शासन के द्वारा इनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। जिसको लेकर कर्मचारियों में भारी असंतोष एवं रोष है शासन द्वारा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है अपनी प्रमुख मांगो को लेकर दिनांक 15 दिसंबर 2022 से 3 जनवरी 2023 तक हडताल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य आयुक्त एवं मिशन संचालक के द्वारा एक माह के भीतर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। इसलिए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा हडताल को 1 माह के लिए स्थगित किया गया था। लेकिन शासन, प्रशासन द्वारा 1 माह से अधिक समय होने के बावजूद भी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। जिससे प्रदेश के 32,000 कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है, कर्मचारी फिर हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं। संविदा कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में सभी NHM संविदा कर्मचारीयों द्वारा निर्णय लिया गया है कि विरोध स्वरूप सभी संविदा कर्मचारी दिनांक 23-02-2023 को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान सामान्य जन मानस को होने वाली असुविधा की समस्त जबाबदेही जिला प्रशासन एवं मध्य प्रदेश शासन की होगी। हमारी प्रमुख मांगे है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारी एवं कर्मचारियों को नियमित किया जाए। जब तक नियमितिकरण नहीं हो पाता है, तब तक 5 जून 2018 की म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पारित की गई नीति तत्काल प्रभाव से लागू की जाए एवं सीएचओ को कैडर के तहत नियमित किया जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हटाकर आउट सोर्स प्रथा में किए गए सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को पुनः राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मर्ज किया जाए अथवा विभाग में रिक्त पदो पर समायोजन किया जाए एवं निष्कासित कर्मचारियों को शत प्रतिषत वापस लिया जाए। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा 15.12.22 से 03.01. 2023 तक की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान जिन संविदा कर्मचारियों पर पुलिस प्रकरण दर्ज किए गए है वह तत्काल लिए जाते।

