नर्मदापुरम/ प्रदीप गुप्ता / बैंक में हुई घटना से यह सिद्ध हो गया कि बैंक में भी अपना पैसा सुरक्षित नहीं रहा। चोर डकैतों से बचने बैंक में राशि जमा करने वाले लोगों के खाते में अब बैंक कर्मी ही डकैती डालने लगे हैं और फर्जी दस्तखत के सहारे लोगों की जमापूंजी गायब करने लग गए है। ऐसा ही एक मामला जिला सहकारी बैंक की शिवपुर ब्रांच में आया है जहां बैंक वालों ने एक ही किसान परिवार के अलग अलग खाते में जमा करीब 40 लाख 46 हजार 230 रूपये निकाल लिए। सूत्रों के अनुसार जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाखा शिवपुर ब्रांच में राजकुंवर बाई, उनके पुत्र प्रकाश राजपूत और कमलेश राजपूत का खाता है। जिसमें अलग- अलग खाते में उक्त राशि जमा थी। बचत खाते में जमा राशि को निकालने के लिए परिवार का एक सदस्य बैंक पहुंचा तो पहले तो कैशियर ने सर्वर खराब होने का बहाना बना दिया, जोर देने पर उसने खाता चेक करके बताया कि खाते में राशि नहीं है। फिर उन्होंने दूसरे खाते का विड्राल फार्म भरा तो कैशियर ने कहा कि इस खाते में भी पैसे नहीं है। फिर तीसरे खाते की जांच की गई तो उसमें भी कोई राशि नहीं थी। बता दें कि राजकुंवर बाई के खाते से बैंक अधिकारियों ने करीब 18 खातों में राशि ट्रांसफर की है। जबकि राजकुंवर बाई न तो नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करतीं हैं और नहीं ही उनका खाता ऑनलाइन हैं। वह सिर्फ जमा और विड्राल के माध्यम से ही बैंक में लेनदेन करतीं हैं। इसी प्रकार उनके पुत्र कमलेश राजपूत के खाते से भी 13 अलग-अलग लोगों को पैसा ट्रांसफर किया गया है, जो सीधे तौर पर बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ है। कैशियर की बात सुन सन्न रह गया परिवार , कैशियर ने बताया कि तीनों खाते में कोई राशि नहीं, यह सुनकर खाताधारक परिवार सन्न रह गया। उसने ब्रांच के मैनेजर से बात की तब कैशियर को बुलाकर पूछा कि राशि क्यों नहीं निकल रही तो कैशियर ने उन्हें बताया कि खाते में राशि है ही नहीं। मामले की जब जांच पड़ताल शुरू हुई तब पता चला कि बैंक के ही ब्रांच मैनेजर व अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से पैसे फर्जी दस्तखत करके निकाल लिए हैं और पैसे की बंदरबांट मैनेजर व अन्य कर्मचारियों ने कर ली। शिकायत के बाद पड़ताल में पता चला कि ब्रांच से ही घपला घोटाला हुआ है, मिलीभगत से इन किसानों के मेहनत की जमा पूंजी खाते से निकालकर डकार गए। राजकुंवर बाई ने इस मामले की शिकायत अनेकों बार ब्रांच मैनेजर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की लेकिन किसान का पैसा नहीं मिला।
राशि के लिए भटक रहा परिवार। खाताधारक परिवार का कहना है कि इसके पहले भी राशि निकालने के लिए बैंक गए लेकिन उन्हें कभी सर्वर डाउन है कभी लाइट फेस नहीं है, कभी प्रिंटर ठीक नहीं है, इस तरह के बहाने बनाकर टाल देते थे। मामले की शिकायत हमने वरिष्ठ अधिकारियों को भी की लेकिन अधिकारियों ने भी हमारी शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया। इस मामले को लेकर बैंक के मैनेजर का स्वभाव भी रुखा रहा। इस मामले को लेकर कलेक्टर से भी मिले, लेकिन कलेक्टर साहब व्यस्त थे, फिर एडीएम को इस मामले की पूरी जानकारी दी है। एडीएम का कहना है कि यह गलत हुआ है। आपके खाते से इतनी बड़ी लाखों की राशि निकल जाना कहीं ना कहीं बैंक की लापरवाही है और बैंक के ही लोग दोषी हैं। इनके खिलाफ शिवपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाए । पीडि़त परिवार का कहना है कि जिला सहकारी बैंक मर्यादित नर्मदापुरम में महाप्रबंधक आरएस भदोरिया है और बैंक के प्रशासक कलेक्टर हैं। इन्हें भी हम लिखित रूप से जानकारी दी है लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद हमें न्याय नहीं मिल पा रहा है। यह पहला मामला नहीं, जिला सहकारी बैंक में पहले ही घपले घोटाले का मामला प्रकाश में आया था यह कोई पहला मामला नहीं है ऐसे कई मामले जिला सहकारी बैंक में घपले घोटाले के चल रहे हैं। हाल ही में रायपुर सोसाइटी में भी लगभग 18 लाख रुपए बचत खाते से निकालकर समिति प्रबंधक खा गए थे। जिला मुख्यालय से जांच दल पहुंचा।
इनका कहना —
इस मामले में शिकायतकर्ता से कहा गया है कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और मंगलवार को बैंक के लोग कलेक्ट्रेट आयेंगे, उनसे भी इस मामले में चर्चा की जायेगी, मामला गंभीर है।
मनोज सिंह ठाकुर
अपर कलेक्टर, नर्मदापुरम
Services And Contact
Contact info : narmadasamay@gmail.com / +917974372722

