नर्मदापुरम/प्रदीप गुप्ता/मां नर्मदा धरा , धेनु, प्रकृति पर पूर्ण केंद्रित अकल्पनीय अखंड निराहार महाव्रत साधना। मां नर्मदा पथ के परम् तपस्वी तपोमूर्ति महायोगी समर्थ सदगुरु दादागुरु का अकल्पनीय निराहार साधना महाव्रत आज देश दुनियां के लिए एक रहस्य बनता जा र हा है। देश दुनियां के एक मात्र ऐसे संत जिन्होंने प्रकृति धरा धेनु नर्मदा पर केंद्रित जीवन को जीकर उनके महिमा महत्त्व सामर्थ्य की जीवंत मिशाल बने । अकल्पनीय किंतु प्रमाणित जीवंत सत्य। एक अपराजित महायोगी जिसने ज्ञान विज्ञान की जड़ो को हिला दिया ।निराहार होने के बावजूद दादागुरु की नित्य दैनिक अकल्पनीय दिनचर्या विगत 29 माह से अखंड निराहार नर्मदा प्रकृति मात्र जल पर चल रही ।
*आज नर्मदापुरम आगमन*
– समर्थ दादागुरु की अखंड निराहार परिक्रमा का आगमन होगा ।परिक्रमा विभिन्न चौक चौराहे से होते हुए सेठानी घाट पहुंचेगी । परिक्रमा रूट इस प्रकार रहेगा तवा पुल, नीमसाडिया, जासलपुर, चक्कर रोड (समेरिटन स्कूल), जेल के सामने, मीनाक्षी चौक, एन.एम.बी कॉलेज, टैक्सी स्टैंड, सातरास्ते, अमर चौक, हलवाई चौक, सराफा चौक, सेठानी घाट पहुंचेगी जहां महाआरती एवं दादागुरु का संवाद होगा ।

