
नर्मदापुरम /प्रदीप गुप्ता/ कहते हैं कि जब मन में कुछ करने का जज्बा है तो उम्र या कोई भी बाधा आड़े नहीं आती। आज जिस तरह से मातृ शक्तियों ने हर क्षेत्र में आगे आकर अपना डंका बजा रही हैं एवं भारतीय की कल्पना चावला ने भी चांद को छुआ । आज वही हमारे शहर की उभरती कलमकार साहित्यकार श्रीमती रेखा रतनानी ने भी कर दिखाया । जिन की पुस्तकें संपादक के रूप में जल्द ही आ रही हैं, कन्यादान, भ्रूण हत्या, कुल को सँवारती नारी, कला जगत में साहित्य जगत में उनके द्वारा उनकी किताबों को दिया गया, जिसकी वजह से आज उनका मान बढ़ा रहा है, इनकी कलम के द्वारा युवा पीढ़ी को सराहनीय उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है। सभ्यता संस्कृति व संस्कारों के प्रति उन्हें आदर वह उनसे जुड़े रहने का, हमेशा इनकी कलम इन उत्कृष्ट कार्यों एवं नेक उद्देश्यों के लिए चलती है। इनके कलम की इन्हीं सराहना को देखते हुए, इनका उत्साह एवं मनोबल बढ़ाते हुए इनका सम्मान हुआ।

