

नर्मदापुरम / श्रावण के प्रथम सोमवार को विंध्याचल शेड सेठानी घाट पर सम्पूर्ण मास होने वाले महारुद्राभिषेक में पूज्य गुरुदेव आचार्य सोमेश परसाई ने शिव भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि माँ नर्मदा को जल ग्लेशियर से नही मिलता माँ नर्मदा को जल मिलता है वृक्षों से , जंगलों से । अतः प्रत्येक व्यक्ति को न केवल पौधारोपण करना चाहिए वरन हमारा कर्त्तव्य है कि हम रोपित किये हुए वृक्ष का पुत्र के भाँती पालन भी करना चाहिए । आचार्य श्री ने कहा कि जो व्यक्ति पुण्य कमाने की अभिलाषा से माँ नर्मदा में स्नान करता है किंतु स्नान के पश्चात वहां वस्त्र आदि धोता है ऐसे व्यक्तियों पुण्य संचय की जगह क्षय होते है, अतः माँ नर्मदा में स्नान के समय साबुन, सोडा आदि का प्रयोग नही करना चाहिए । इसके पूर्व आचार्य श्री ने वेद मंत्रों की व्याख्या की रुद्राष्टाध्यायी के अष्टम अध्याय की व्याख्या करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि भगवान औघड़दानी है उनसे मांगने की आवश्यकता नही होते वे बिना मांगे ही सबकुछ प्रदान कर देते है । इसके पूर्व आज भगवान् पार्थिवेश्वर का संगीतमय वैदिक मन्त्रों व हर हर महादेव के जयघोष के बीच दूध दही आदि दृव्यों सहित अनेक औषधियों से अभिषेक किया गया। इसके पश्चात दिव्य भस्म आरती व 151 दीपकों से महाआरती की गयी । जिसमे शिवार्चन समिति की सद्स्य सहित राज्यसभा सांसद माया नारोलिया , राहुल सिंह सोलंकी आदि गणमान्यों सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे ।

