

नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में आज गुरुवार को वर्ल्ड यूथ स्किल डे के अवसर पर आत्मनिर्भर भारत आइडिया एंड इनोवेशन की थीम के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । सर्वप्रथम एनसीसी कैडेट द्वारा रेली निकालकर आत्मनिर्भर भारत के ओज पूर्ण नारे लगाए गए । महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन, डॉ. श्रीकांत दुबे ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर आत्मनिर्भर भारत आइडिया एंड इनोवेशन पर व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 5 एमपी गर्ल्स बटालियन सी ओ दिनेश कनौजिया के मार्गदर्शन में किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि सशक्त युवा समृद्ध राष्ट्र की आधारभूत धुरी है । वर्तमान समय में युवा को अपना व्यवसाय स्थापित करने एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु कई अवसर उपलब्ध है । आत्मनिर्भर भारत आइडिया एंड इनोवेशन के क्षेत्र में निचले स्तर से युवा शक्ति को प्रयास करना होगा, जैसा कि हम जानते हैं की पैतृक व्यवसाय, स्थानीय व्यवसाय रोजगार का बेहतर विकल्प है । हमें स्थानीय उत्पादन को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा एवं पैतृक व्यवसाय में तकनीकी का इस्तेमाल कर इसकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि कर आकर्षक बनाना होगा । डॉ. कंचन ठाकुर ने छात्राओं को उद्बोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत की थीम का उद्देश्य भारत को आर्थिक स्तर पर वैश्विक धरातल पर समृद्ध बनाना है ।अर्थव्यवस्था, संरचनात्मक स्वरूप प्रणाली, जनशक्ति , वैश्विक आपूर्ति एवं योजनाओं की जानकारी जानकारी के माध्यम से मार्गदर्शन किया । डॉ. सी एस राज ने अपने उद्बोधन में आत्मनिर्भर भारत की कहां की आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना प्राचीन काल से ही रही है । स्वदेशी आंदोलन आत्मनिर्भर की पहल थी। पंचवर्षीय योजना के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रयास किया गया। हमें पूर्ण रूप में आत्मनिर्भर होना है तो अपना उत्पादन बढ़ाना होगा। भारत में स्थिति अधिक चुनौती पूर्ण है। भारत राष्ट्र के रूप में आत्मनिर्भर है परंतु नागरिक के रूप में अभी आत्मनिर्भर होना शेष है । डॉ. रामबाबू मेहर ने अपनी उद्बोधन में कहा कि प्राचीन काल से ही हमारी आर्थिक व्यवस्था अत्यंत मजबूत रही है, जब वैश्विक धरातल पर हमारे उत्पादन आ जाएंगे तभी राष्ट्र समृद्ध एवं आत्मनिर्भर होगा। व्यावसायिक धरातल पर राष्ट्र उन्नत हो, इस हेतु कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं । कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. कीर्ति दीक्षित ने एवं आभार शैलेंद्र तिवारी ने किया। इस अवसर पर डॉ. पुष्पा दुबे, डॉ. श्रुति गोखले, डॉ. मधु विजय, अजय तिवारी, डॉ. रफीक अली एवं एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रही।

