

नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में ’नशा मुक्ति एवं तनाव प्रबंधन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मानसिक तनाव, नशे की बुरी आदतों से बचाव तथा जीवन में सकारात्मक सोच और आत्मविकास की दिशा में प्रेरित करना रहा। कार्यशाला में विशिष्ट वक्ताओं के रूप ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं गायत्री परिवार से वी.के. सुभाष, वी.के. महेश, वी.के. संतोष, वी.के. सिंह एवं ओ.पी. गौर उपस्थित रहे और सभी ने अपने प्रेरणादायक विचारों से छात्राओं को को मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन ने बताया कि नशामुक्ति अभियान भारत में मादक द्रव्यों के सेवन के उन्मूलन के उद्देश्य से एक परिवर्तनकारी पहल है। विशेष रूप से युवाओं में, नशीली दवाओं की लत में खतरनाक वृद्धि को देखते हुए, यह अभियान योग और अध्यात्म को एकीकृत करके जीवन का मार्ग प्रषस्त करता है। नशा हम सब के लिए एक अभिशाप है, जो हमारे समाज में आम है। हम जानते हैं कि मानव ही इस धरती पर सबसे बुद्धिमान और शक्तिशाली है और अपने जीवन को सुखद बनाने के लिए हर संभव कोशिश करता है, लेकिन अच्छी शिक्षा के अभाव में लोग कम उम्र में ही नशा जैसे अन्य शारीरिक परिणामों का शिकार हो जाते हैं और आजीवन नशे की लत में रहते हैं। वी.के. महेश ने कहा कि मानव मन ही सभी रोगों की जड़ है तनाव, बुरी आदतें और नशा भी उसी से उत्पन्न होते हैं। सकारात्मक विचार और आध्यात्मिक शक्ति ही सच्चे समाधान हैं। वी.के. संतोष ने युवाओं को आत्मबोध के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अपने भाग्य के विधाता स्वयं बनो। राष्ट्र निर्माण का आधार वर्तमान है आज जो करोगे, वही भविष्य तय करेगा। वी.के. सिंह ने कहा कि नशा ही पारिवारिक विघटन का प्रमुख कारण है। ओ.पी. गौर ने कहा हमेशा सकारात्मक सोच रखें, क्योंकि ‘मन के हारे हार है और मन के जीते जीत’। उन्होंने नशा छोड़ने के उपाय बताए और ध्यान का अभ्यास भी करवाया। वी. के. सुभाष ने कहा कि नशा केवल शरीर नहीं, सोच और जीवन की दिशा को भी खोखला करता है। इससे बचाव ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। ध्यान सत्र द्वारा मानसिक शांति का अनुभव कराया गया।
कार्यक्रम का संचालन पूजा गोस्वामी द्वारा किया गया एवं आभार प्रेरणा पाल द्वारा व्यक्त किया गया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. संगीता अहिरवार, टीपीओ डॉ. रागिनी सिकरवार, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हर्षा चचाने की, आर के चौकीकर, डॉ. रामबाबू मेंहर, डॉ. दुर्गेष तेली, डॉ. रफीक अली, डॉ. कीर्ति दीक्षित एवं भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
Contact info : narmadasamay@gmail.com / +917974372722

