

नर्मदापुरम / शासकीय विधि महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ के दौरान महिला सुरक्षा में वन स्टॉप सेंटर पर आमंत्रित वार्ता का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य एवं महाविद्यालय की महिला प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. कल्पना भारद्वाज के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कुमारी श्रृति अतुलकर न्यायाधीश मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा रही । इन्होंने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को महिलाओं की सुरक्षा में वन स्टॉप सेंटर की भूमिका के बारे में बताया कि कैसे वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, बलात्कार, मानसिक उत्पीड़न, बाल विवाह, मानव तस्करी या अन्य किसी प्रकार की लैंगिक हिंसा की शिकार महिलाओं को सहायता प्रदान करने हेतु स्थापित किए गए हैं। इन्होंने इसकी उपयोगिता बताते हुए कहा कि सखी सेंटर की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका यह है कि वह पीड़िता को कानूनी सहायता देता है मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराता है। थाना अस्पताल और न्यायालय से जोड़ने का कार्य करता है और यदि आवश्यकता हुई तो अस्थाई आश्रय भी प्रदान करता है। अंत में सभी विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उपस्थित सभी विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि सखी सेंटर की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाए। पीड़ित महिलाओं को प्रेरित करने किया जाए कि वह बिना संकोच वहां जाएं और हम सब मिलकर इस केंद्र को केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि एक मानवीय अभियान बनाए।जब एक महिला निडर होती है तभी समाज सुरक्षित होता है। कार्यक्रम में महाविद्यालय की सहा. प्रा. राजदीप सिंह भदोरिया द्वारा स्वागत भाषण दिया गया एवं डॉ. महेंद्र कुमार पटेल द्वारा कार्यक्रम में अतिथि परिचय दिया गया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के ग्रंथपाल डॉ. ओम शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहा.प्रा. डॉ.अभिषेक सिंह एवं शिवाकांत मौर्य, डॉ. हरि प्रकाश मिश्र की सहभागिता रही। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों सहित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे। अंत में सहा. प्रा. राजदीप सिंह भदोरिया ने आभार ज्ञापित किया।
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