


इटारसी / आज प्रातः 11:00 बजे कांग्रेस के पदाधिकारियों और पार्षदों ने डीजीएम कार्यालय में स्मार्ट मीटर को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में डीजीएम ने स्मार्ट मीटर के फायदों के बारे में विस्तार से बताया और लोगों के बीच व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया।
*स्मार्ट मीटर के प्रमुख फायदे:*
– *ऑटोमेटिक रीडिंग*: स्मार्ट मीटर हर महीने की 1 तारीख को स्वतः रीडिंग प्रदान करेगा, जिससे रीडिंग संबंधित समस्याएं समाप्त हो जाएंगी और उपभोक्ताओं को सही बिल मिलेगा।
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– *TOD सिस्टम*: इस सिस्टम के माध्यम से दोपहर के समय बिजली की खपत पर सरकार सब्सिडी प्रदान करेगी, जो पुराने मीटरों में नहीं थी। इससे उपभोक्ताओं को बिजली की बचत करने में मदद मिलेगी।
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– *हर घंटे का डाटा*: स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को हर घंटे का डाटा प्राप्त होगा, जिससे वे अपनी बिजली खपत का विश्लेषण कर सकते हैं और इसे कम करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकते हैं।
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– *बिजली खपत पर नियंत्रण*: स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत का हिसाब लगा सकते हैं और इसे कम करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकते हैं, जिससे बिजली की बचत होगी और बिल भी कम आएगा।
*स्मार्ट मीटर लगाने का मुख्य उद्देश्य:*
स्मार्ट मीटर लगाने का मुख्य उद्देश्य ऑटोमेटिक रीडिंग करना है, जो वर्तमान में लगे इलेक्ट्रॉनिक मीटर नहीं कर पा रहे हैं। सभी क्षेत्रों में ऑटोमेटिक रीडिंग करना अनिवार्य है, इसलिए स्मार्ट मीटर की जरूरत है। यह केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत मीटर बदली का कार्य किया जा रहा है, जिसमें 100% मीटर बदले जाएंगे।
*निष्कर्ष:*
मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी और बिजली विभाग को भी फायदा होगा, जैसे कि लाइन लॉस में कमी और बिजली की बचत। इस बैठक से उम्मीद है कि स्मार्ट मीटर के बारे में लोगों की भ्रांतियां दूर होंगी और वे स्मार्ट मीटर के फायदों का लाभ उठा सकेंगे।

