
नर्मदापुरम / पंच परमेश्वर का मंचन शासकीय विधि महाविद्यालय में आज हिंदी साहित्य के महान साहित्यकार मुशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर साहित्यिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनकी प्रसिद्ध कहानी पंच परमेश्वर पर आधारित नाटक का सजीव मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कल्पना भारद्वाज की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने प्रेमचंद की लेखनी की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की न्याय प्रणाली में भी पंच परमेश्वर की भावना जीवंत रहनी चाहिए । स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयोजक राजदीप सिंह भदौरिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई एवं बताया कि वर्तमान समय में मुंशी प्रेमचंद को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी यदि उनकी रचनाओं में दिए गए नैतिक सामाजिक मूल्यों को अपनाया जाए । महाविद्यालय में आयोजित इस नाटिका में न्याय नैतिकता एवं निष्पक्षता जैसे मूल आधारित संदेश को विधि के विद्यार्थियों ने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया । मंचन में ग्राम पंचायत के पारंपरिक न्याय प्रणाली को उजागर करते हुए बताया गया कि कैसे एक सच्चा पंच (न्यायाधीश) मित्रता की भावनात्मक से जुदा हो या निजी स्वार्थ से परे केवल न्याय करता है। नाटिका में महाविद्यालय के एल एल बी द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी रेणुका, पीयूष, ईश्वर, राजकुमार, नेहा, अमन, अर्जुन, अनिकेत द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों द्वारा स्वरचित कविता आदि का पाठ किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर ओम शर्मा द्वारा किया गया तथा अंत में डॉक्टर महेंद्र कुमार पटेल द्वारा आभार व्यक्त किया गया। छात्रों द्वारा प्रस्तुत नाटिका ने विद्यार्थियों को प्रभावित किया और उन्होंने तालिया से सराहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
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