
नर्मदापुरम / पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशुतोष मिश्र एवं एसडीओपी मोहित कुमार यादव के दिशा निर्देशन में पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा फरार आरोपियो की गिरफ्तारी हेतु विशेष अभियान के अंतर्गत पिपरिया पुलिस द्वारा लगातार फरार आरोपीगणो की गिरफ्ती की जा रही है। दिनांक 18.03.2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय नर्मदापुरम से अनावेदक विकाश नवेरिया के विरुद्ध “कमल फिनकॉप लिमिटेड बैंक” पिपरिया से धोखाधड़ी करने संबंधी एक लिखित आवेदन पत्र प्राप्त हुआ, आवेदन जाँच पर पीडित महिलाओ एवं बैंक प्रबंधक के कथन लेख किया जिन्होने बताया कि हमले “कमल फिनकॉप लिमिटेड बैंक” पिपरिया से समूह से लोन लिया था, बैंक मैनेजर विकास नवेरिया द्वारा हम लोगो के घरो पर आकर हमे प्रलोभन दिया कि तुम लोगो ने जो लोन लिया है उसकी बची हुई शेष राशी जमा कर दो तो उसके एवज तुम्हे ज्यादा लोन दिलवा दूंगा, पीडित महिलाओ द्वारा विकास नवेरिया की बातो पर विश्वास करके विकास नवेरिया को 10,000/-, 10,000/- हजार रुपये लेकर अपने निजी उपयोग में लेना एवं बैंक के खाते मे जमा न करना और बैंक में आर्डिंट के समय बिना बताये बैंक से भाग जाना बताया । आवेदन जाँच पर आरोपी विकास नवेरिया के विरुद्ध बैंक एवं महिलाओ से धोखाधड़ी करना पाये जाने पर दिनांक 16.07.2025 को कायम कर विवेचना में लिया गया। आरोपी विकास नवेरिया घटना करने के उपरांत फरार था। जिसकी लगातार तलाश भोपाल, मंडीद्वीप, बेलखेड़ा, जबलपुर में की जा रही थी जो आरोपी लगातार फरार चल रहा था। कुछ समय बाद पुलिस को मुखबिरों से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी विकाश नवेरिया अपने निवास ग्राम बेलखेड़ा में आया हुआ है। सूचना पर तत्काल थाना निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी नेतृत्व में थाना स्तर पर पुलिस टीम गठन कर आरोपी की तलाश हेतु बेलखेड़ा रवाना किया गया जो आरोपी की निवास स्थान पर पुलिस टीम द्वारा दबिस दी गई वह अपने निवास पर उपस्थित नही मिला जो फरार होने की फिराक मे था। जिसे स्थानिय पुलिस की मदद से हाइवे से घेराबंदी कर अभिरक्षा में लिया जाकर वैधानिक कार्यवाही कर एवं गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया। उक्त कार्यवाही में मुख्य भूमिका निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, उनि मानिक सिंह बट्टी, प्र.आर. अरुण जुदेव, आर. मोहसीन खान, आर. क्रांति सिंह राजपूत (थाना बेलखेडा), आर. गणेश मिश्रा (थाना बेलखेडा) की रही।

