
नर्मदापुरम / भारत एवं नेपाल के हजारों ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान ब्रह्मा कुमारीज की पूर्व मुख्य प्रसाशिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 18वीं पुण्यतिथि को समर्पित है।
ब्रह्माकुमारी संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 18वीं पुण्यतिथि (25 अगस्त) जिसे विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस उपलक्ष में संस्थान द्वारा भारत एवं नेपाल में एक विशाल रक्तदान अभियान चलाया जा रहा है, इसका उद्देश्य है रक्त की आवश्यकता की पूर्ति करना।
इस महा अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ 17 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा द्वारा किया गया।
राष्ट्रीय शुभारंभ के उपरांत भारत और नेपाल में रक्तदान शिवरों की शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत 22 से 25 अगस्त तक पूरे देश में 1500 से अधिक ब्रह्मा कुमारीज के केंद्रों पर एक साथ विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का एक लाख यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य है। इस कार्य में जयपुर के ग्रीस वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक मनमोहन अग्रवाल भी ब्रह्माकुमारीज का सहयोग कर रहे हैं ।
*रक्तदान शिविर का विवरण*
*स्थानीय पता*——
ब्रह्माकुमारी विद्यालय, विक्रम नगर, रसूलिया नर्मदापुरम।
*- तारीख*_ 24 अगस्त 2025 दिन रविवार.
*समय* _ प्रातः10:30 से 3:00 बजे तक।
ब्रम्हाकुमारी आश्रम द्वारा सभी आमजन से निवेदन किया कि अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस महान मानव कार्य में शामिल हो एवं स्वेच्छा से रक्तदान करें व हम सब मिलकर भारत को महान बनाएं।
*रक्तदान के लाभ*_
रक्तदान से शरीर को नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज होती है। आयरन स्तर संतुलित रहता है और हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। एक यूनिट रक्त से 3..4 लोगों की जान बचाई जा सकती है। 24 से 48 घंटे के भीतर नया रक्त बन जाता है, जिससे रक्त ताजा और स्वस्थ रहता है ।
*रक्तदान हेतु पात्रता*
विशेषज्ञों के अनुसार 18 से 60 साल तक के लोग रक्तदान कर सकते हैं। *न्यूनतम वजन*— 50 किलो हीमोग्लोबिन स्तर पुरुषों के लिए 13 महिलाओं के लिए 12 ……
*रक्तदान अंतराल पुरुषों के लिए 3 महीने, महिलाओं के लिए 4 महीने। *रक्त देने वाला स्वस्थ हो और किसी गंभीर बीमारी या गंभीर हाल के संक्रामक से मुक्त हो ।
“तो आइए हम सब मिलकर रक्तदान जीवन दान करते हैं।”

