
ग्वालियर / तरूण सिंह अनन्यतः विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं एकादशम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जिला ग्वालियर द्वारा आरोपी रामेश्वर आदिवासी निवासी ग्राम रामगढ़ थाना जतारा जिला टीकमगढ़ म. प्र. को सत्र प्रकरण कंमांक 201/2024 धारा 332 (ख) बीएनएस 2023 एवं धारा 3/4 (2) लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के राहपठित धारा 18 में अधीन 07 वर्ष एवं 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25,000/- रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया एवं अर्थदंड की संपूर्ण राशि क्षतिपूर्ति स्वरूप पीडिता को प्रदाय किये जाने का आदेश पारित किया गया। अभियोजन की और से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक हरिओम वर्मा ने प्रकरण की घटना के बारे में बताया कि अभियोक्त्री के माता-पिता अभियोक्त्री को लेकर उनके गांव से ग्वालियर मजदूरी करने के लिए आए थे। अभियोक्त्री के माता-पिता ग्वालियर में रायरू में दारू फैक्ट्री में बने हुए गुम्मा के कच्चे कमरे में रहते थे जिसमे चद्दर का गेट लगा था। अभियोक्त्री आयु-लगभग 7 वर्ष कमरे में अकेली थी। दिन के लगभग 12 बजे अभियोक्त्री की माता को पड़ोस में रहने वाले राधा आदिवासी ने आकर जानकारी दी कि उसे उसकी झुग्गी में आवाज आई तो उसने उनकी झुग्गी में झांककर देखा कि उनके गांव का रामेश्वर आदिवासी, अभियोक्त्री के पूरे कपड़े उतारकर अभियोक्त्री के हाथ-पैर बांधकर अपने कपडे उतारकर अभियोक्त्री से गलत कर रहा था जो राधा को देखकर वहां से भाग गया। अभियोक्त्री की माता ने उक्त घटना की जानकारी अपने पति को दी और वापस कमरे पर आए और अभियोक्त्री से पूछा कि क्या हुआ तो अभियोक्त्री रोने लगी और उन्हें घटना की जानकारी दी कि उनके गांव का रामेश्वर आदिवासी उनकी झुग्गी में आया था और उसके कपड़े उतारकर और फिर अपने कपड़े उत्तारकर अभियोक्त्री के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ गलत काम किया एवं उसके चिल्लाने पर पास में खेल रहे बच्चे और राधा आदिवासी मौके पर आ गए थे जिन्हें देखकर रामेश्वर वहां से भाग गया था। अभियुक्त ने जाते समय धमकी भी दी थी कि यदि किसी को कुछ बताया तो तुम्हें जान से खत्म कर देंगे। अभियोक्त्री के माता-पिता अभियोक्त्री के साथ अपने गांव वापस आ गए थे और गांव के सरपंच को घटना की जानकारी दी तब सरपंच ने कहा कि उक्त घटना की थाने में रिपोर्ट लेख कराओ। अभियोक्त्री की माता ने उक्त घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना जतारा, जिला टीकमगढ़ में लेख कराई जो थाना जतारा के अपराध क्रमांक 01/2024 अंतर्गत धारा-5/6 पॉक्सो अधिनियम, धारा 332 (बी), 351(3), 65(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के अधीन रामेश्वर आदिवासी के विरूद्ध पंजीबद्ध की गई। न्यायालय में समस्त अभियोजन साक्षीगणों के कथनों में आयी अभिसाक्ष्य एवं अभियोजन द्वारा किये गये विधिक तकों के आधार पर आसपी रामेश्वर आदिवासी के विरुद्ध आरोपित्त अपराध को प्रमाणित पाते हुये न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25,000 रूपये के अर्थदंड से दंडित किये जाने की सजा सुनाई एवं अर्थदंड की संपूर्ण राशि क्षतिपूर्ति स्वरूप पीडिता को प्रदाय किये जाने का आदेश पारित किया गया। माननीय न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को दोपसिद्ध किया गया एवं पीडिता को दो लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिये जाने का आदेश पारित किया गया।

