

नर्मदापुरम / स्थानीय स्वयंवरम गार्डन में आयोजित दो दिवसीय शास्त्रीय संगीत महोत्सव के समापन दिवस पर यशस्विनी शिवारामन के भरतनाट्यम और आत्रेयी दत्ता के ओडिशी नृत्य ने समां बांध दिया। कलाकारों की नृत्य मुद्राएं और हाव भाव देखकर संगीत प्रेमी भाव विभोर हो गए। उन्होंने कई पौराणिक आख्यान प्रस्तुत किए। ओडिशी नृत्य के दौरान भगवान कृष्ण को समर्पित माधुराष्टक की प्रस्तुति से पूरा हाल तालियों से गूंज उठा।
इसके अतिरिक्त कलाकार विद्वान संकल्प मिश्रा ने सितार, शौनक मजुमदार ने संतूर, अर्कद्युति हालदार ने वायलिन और आराध्य प्रवीण ने तबला पर और ओर तबला पर और छेड़े तो श्रोता वाह वाह कर उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी निर्मल चैतन्य, ज्ञान प्रभु, राधा मुनि, समेरिटंस के डा. आशुतोष शर्मा, मालवा ऑक्सीजन के संजय व्यास ने दीप प्रज्वलन करके किया। अंत में सभी कलाकारों का शाल श्रीफल भेंट करके सम्मान किया गया। कार्यक्रम को श्री व्यास, डा. शर्मा ने भी संबोधित किया। स्वामी निर्मल चैतन्य ने आभार व्यक्त किया जबकि संचालन साहित्यकार प्रमोद शर्मा ने किया।
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