

नर्मदापुरम / बहुत ज्यादा उन्नत दिमाग वाले मनुष्यों को ही ऐसी घटनाओं के आभास की जानकारी हो जाती है । लेकिन साधारण मनुष्य के अंग ही फड़क कर रह जाते है । यह एक प्रकृति का बहुत विचित्र विज्ञान है । इसको समझने के लिए प्रकृति के विज्ञान को समझना चाहिए । प्रकृति में घटित होने वाली इन आभासिक घटनाओं का संबंध मन के साथ होता है । मन एक प्रकृति का रूप है, मन को कोई भी वैज्ञानिक या योगी देख नहीं सकता है । मन प्रकृति के कण कण में भ्रमण करता रहता है । मन तीनों लोको में भ्रमण करता रहता है तभी मन चंचल रहता है । यह एक जगह एकाग्र नहीं हो पाता है । प्रकृति में जो घटनाएं घटित होती है उनके साथ मन का संबंध होता है । जैसे ही कोई घटना प्रकृति में घटित होने वाली होती है तो मन उसको समझ लेता है तथा इस आभास को चित्त को भेज देता है । इसी प्रकार जब आपके शरीर के साथ कोई घटना घटित होने वाली होती है तो मन उसका आभास कैसे करता है ?
*इसके दो मुख्य कारण होते है*
1 – जब कोई मनुष्य आपका बुरा चाह रहा होता है तो उसकी नकारात्मक सोच प्रकृति में भ्रमण करती है । जब प्रकृति में बुरी सोच आपके लिए भ्रमण करती है तो आपका मन उस बुरी सोच के संकेत को आभास कर लेता है । फिर मन उस बुरी सोच को बार बार आपके चित्त को संकेत भेजता है । चित्त उस संकेत को बुद्धि को भेजता है । फिर आपको एहसास होता है कि कुछ हमारे साथ बुरा होने वाला है ।
2 – इसका दूसरा मुख्य कारण है जब आपके साथ कोई दुर्घटना होने वाली होती है । तो उस समय गोचर में ग्रह आपके साथ घटना के योग बना रहे होते है । गोचर के ग्रह कई दिन पहले से यह संयोग बनाते है । लेकिन हम उन पर ध्यान नहीं देते है । जब ग्रहों के द्वारा यह दुर्घटना का संयोग बनता है तो मन विचलित होकर आपको संकेत देता है कि सावधान रहिए कि आपके साथ दुर्घटना होने वाली है । क्योंकि मन का संबंध चंद्रमा के साथ साथ प्रकृति के साथ होता है । इसलिए कोई दुर्घटना होने से पहले बहुत सारे लोगो को मृत्यु तक आभास हो जाता है । ऐसी घटनाओं की जानकारी पशु पक्षी और जानवरों को बहुत शीघ्र हो जाती है । जब कोई तूफान आता है तो उससे पहले पशु पक्षी जीव जन्तु शांत अवस्था में बैठ जाते है । उनको आभास हो जाता है कि कोई घटना घटित होनी वाली है । बिल्ली अपने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाती है और चींटी अपने अंडो को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाती है । लेकिन मनुष्य नास्तिक मनोवृति का शिकार होने के कारण इन सब चीज़ों को अंधविश्वास मान लेता है । तथा दुर्घटना का शिकार हो जाता है । इसलिए अगर आपको किसी अच्छी या बुरी घटना का आभास होता है तो मन की बात सुननी चाहिए तथा उसका विश्लेषण करना चाहिए । जब आप इस मन पर और ज्यादा ध्यान एकाग्र करोगे तो योगी की भांति आने वाली सभी घटनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हो । (संकलन – प्रीति चौहान)

