कुटिल दबाब में आकर दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर को प्रशासन ने बलात हटाया। प्रशासन के पास मंदिर के स्थान परिवर्तन करने के कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं: गोपाल सोनी
इटारसी- रेलवे स्टेशन के सामने दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के विस्थापन के मुद्दे पर विश्व हिंदू परिषद मध्य प्रांत के प्रांत सह मंत्री गोपाल सोनी ने कहा कि मंदिर को बलात कुटिल दबाव में आकर प्रशासन ने हटाया है । उन्होंने राजस्व दस्तावेज के अनुसार रेल्वे स्थान के मुख्य द्वार के सामने 1950 से पहले से स्थापित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर को नवरात्रि की पंचमी 27 सितम्बर 25 को बलात् तोड़कर 80 साल से पूजित हनुमान जी के विग्रह को 40 दिन में निर्माण हुये मंदिर जो गोठी धर्मशाला शासकीय लीज भूमि पर विकास के नाम पर स्थापित कर दिया गया।
अब प्रश्न पैदा होता है कि प्रशासन ने किस अधिनियम एवं विनियमन के अनुसार यह कार्यवाही की थी ?
इस बारे में 6 अक्टूबर 25 को भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 धारा 75 के अन्तर्गत अनुविभागीय दंडाधिकारी राजस्व से इस प्रकरण के समस्त लोक दस्तावेज की प्रमाणित प्रति मांगी गई तो एसडीएम कार्यालय के पत्र क्रमांक-1/553569/2025 दिनांक 15 अक्टूबर 25 में जबाब दिया कि वाँछित जानकारी इस कार्यालय में उपलब्ध नही है। उक्ताशय की जानकारी देते हुये विश्व हिन्दू परिषद प्रांत सह मंत्री गोपाल सोनी बताया कि हम मंदिर के स्थान परिवर्तन के विरोधी नही है, किन्तु धार्मिक भावनाओं के हितों में हिन्दू संगठनों द्वारा जो जन हितैषी मांगे जिला और स्थानीय प्रशासन के सामने रखी गई थी, हमारे मांग पत्र पर प्रशासनिक अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हमें और नगर की सम्पूर्ण हिन्दू समाज को विश्वास दिलवाया गया था कि आपकी मांगों के अनुसार ही हम काम करेंगे। किन्तु स्थानीय एसडीएम कार्यालय में कोई भी दस्तावेजों का उपलब्ध न होना इस बात को अहसास करवाता है कि कुटिल दबाब में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारीयों ने निदंनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध स्वरूप शीघ्र ही हम नये आन्दोलन की तैयारी करेंगे।
बहरहाल अभी जो मंदिर को विस्थापित किया गया है उसके सामने अतिक्रमण बना हुआ है एवं लगभग 15 से 20 फीट रोड पर अतिक्रमण है ओर मंदिर के पीपल के पेड़ से लगकर सिर्फ लगभग 8 फिट की जगह ही रोड के लिए मिली हैं। लगता है कि यह विस्थापन ढाक के तीन पात बनकर रह गया।