इटारसी- रेल्वे स्टेशन के सामने स्थापित प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर को किस वैधानिक प्रक्रिया का पालन कर नये स्थान पर स्थापित किया है इसकी सम्पूर्ण जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत जिला कलेक्टर नर्मदापुरम से दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर संधर्ष समिति के संयोजक राजकुमार मालवीय द्वारा मांगी गई है। आवेदन पत्र में मांग कि गई- सन् 1950 से पूर्व बने दिव्य मंदिर को मध्यप्रदेश सार्वजनिक (धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन) अधिनियम 2001 एवं नियम 2015 के नियम का पालन किया गया है, तो नियम 1 से 15 जो भी कार्यवाही की गई है,तैयार सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां प्रदान की जाये। उक्ताशय की जानकारी देते हुई प्रचार प्रमुख डॉ प्रताप सिंह वर्मा, सह प्रमुख क्षितिज भावसार एवं रिंकू रैकवार ने बताया कि संधर्ष समिति चाहती है कि नवरात्रि के त्यौहार और 5 वीं तिथि को जब नगर का बहुसंख्यक हिन्दू समाज धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत था तब उस समय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा धार्मिक भावनाओं पर आघात क्यों किया गया पूरा घटनाक्रम का विवरण हिन्दू समाज के सामने आना चाहिये।


