टीकमगढ़। खेत पर किसान और सीमा पर जवान, वास्तव में यह नारा कहनेने और बोलने में तो सरल है लेकिन जब इस पथ पर काम किया जाता है तब बड़ा ही मुश्किलों भरा सफर होता है जहां व्यक्ति को इस नारे के लिए सफल करने को लेकर तमाम मुसीबतों का सामना भी करना पड़ता है एक तरफ जो व्यक्ति इस नारे को जब साकार करता है तब उसे अपने घर परिवार और तमाम संबंधों को भी कभी-कभी दरकिनार करना पड़ता है लेकिन यह सपना तभी साकार होता है जब व्यक्ति इस सपने को साकार कर सफलतापूर्वक सफलता प्राप्त करता है। जी हां हम बात कर रहे हैं सेना के उस सिपाही की जो अपनी 24 वर्ष की सेवाकाल पूरी कर अपने ग्रह ग्राम वापिस लौटे वह नाम है रविंद्र कुमार विश्वकर्मा जो कि वर्तमान में नगर टीकमगढ़ की वैशाली नगर कॉलोनी में निवासरत हैं और इनका पैतृक गांव मोहनगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाला ग्राम ढाना है ,रविंद्र कुमार विश्वकर्मा इंडियन आर्मी भारतीय सेना में पैनियर सेंटर बेंगलोर में हवालदार के पद पर आसीन थे जिनका सेवा काल पूरा हुआ है और वह बुधवार 04 फरवरी 2026 को सुबह अपने गृह ग्राम नगर टीकमगढ़ लौटे जब श्री विश्वकर्मा रेलवे स्टेशन पर आए उस समय सैकड़ो लोगों ने उनका गर्मजोशी से भव्य शाल,श्रीफल और फूल मालाओं से स्वागत किया वहीं सैकड़ो युवाओं ने पहुंचकर तिरंगा लहराते हुए भारत माता के नारे भी लगाए यह नजारा काफी उत्साह पूर्वक था जहां एक तरफ रिटायर हुए सेना के जवान रविंद्र कुमार विश्वकर्मा के परिजन संबंधी जन रिश्तेदार और दूसरी तरफ नगर के सैकड़ो युवा, जनप्रतिनिधि ,समाजसेवी, पत्रकार गण यहां मौजूद थे। जहां सभी ने सेवा पूरी कर चुके भारतीय सेना के जवान रविंद्र कुमार विश्वकर्मा का बड़ी ही गर्म जोशी से स्वागत किया और उन्हें रेलवे स्टेशन टीकमगढ़ से रिसीव किया रविंद्र कुमार विश्वकर्मा से जब पत्रकारों ने उनकी सेवाकाल के बारे में पूछा तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि भारत मां हमारी माता है और इसके लिए इसकी रक्षा सुरक्षा को लेकर हमें सदैव तत्पर रहना चाहिए और युवाओं को उन्होंने संदेश दिया कि ज्यादा से ज्यादा खेत पर किसान और सीमा पर जवान इस नारे को साकार करने के लिए तत्पर रहें। रविंद्र कुमार विश्वकर्मा ने अपनी 24 वर्ष की सेवा भारतीय सेना को दी है जहां वह परिवार में अपने भाइयों में बड़े भी हैं जिनका दूसरे नंबर का भाई विनोद कुमार विश्वकर्मा मध्य प्रदेश पुलिस में वर्तमान में सेवारत हैं जो अभी भी वर्तमान में पुलिस के रूप में जनसेवा और देशभक्ति का काम कर रहे हैं वही रविंद्र कुमार विश्वकर्मा के छोटे भाई तीसरे नंबर के सोनू विश्वकर्मा जहां वह भी भारतीय सेना में अभी वर्तमान में महा रेजिमेंट सागर में पदस्थ हैं जहां इन तीनों भाइयों ने सिर्फ और सिर्फ जन सेवा और देश सेवा को ही चुना है इसके लिए समाज के लोग उनके प्रति आभारत हैं और इनके उज्जवल और खुशहाल जीवन की लोगों ने कामना की है। रविंद्र कुमार,विनोद कुमार और सोनू विश्वकर्मा जिनके पिता श्री लखनलाल विश्वकर्मा और माता श्रीमती शांति बाई विश्वकर्मा जो कि मोहनगढ़ क्षेत्र के गांव ढाना के मूल निवासी हैं जिन्होंने अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा और लालन-पालन दिया है जहां आज उनके तीनों बेटे जनसेवा और देश सेवा के कार्य को संभाल रहे हैं उनके प्रति भी लोगों ने अपने बच्चों का ऐसा लालन-पालन और ऐसी शिक्षा-दीक्षा को लेकर उनकी कार्य प्रणाली को साराहा है।
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———-स्वागत सम्मान के समय यह रहे मौजूद———-
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जब रेलवे स्टेशन टीकमगढ़ पर रविंद्र कुमार विश्वकर्मा भारतीय सेना की सेवा पूरी कर घर वापिस लौटे उस समय उनके स्वागत सम्मान में जिले के वरिष्ठ समाज सेवी मानवीय संवेदना समिति के सचिव मनीराम कठैल जिन्होंने शाल श्रीफल और फूल मालाओं से श्री विश्वकर्मा का सम्मान किया वहीं कांग्रेस के युवा नेता और समाजसेवी जितेंद्र जैन क्रांतिकारी एवं भाजपा के युवा नेता एवं समाज सेवी ग्राम पंचायत केशवगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेंद्र जैन केशवगढ़ और नगर टीकमगढ़ के वार्ड क्रमांक 06 के पूर्व पार्षद एवं भाजपा युवा नेता व समाजसेवी संतोष चौरसिया सहित वरिष्ठ पत्रकार गोविंददास विश्वकर्मा, समीर खान, मनोज खरे एवं श्री रविंद्र कुमार विश्वकर्मा के परिजनों में विनोद कुमार विश्वकर्मा एवं संबंधी जनों में पुत्तीलाल विश्वकर्मा, धनीराम विश्वकर्मा ,महेंद्र विश्वकर्मा, रोहित विश्वकर्मा सहित मातृशक्ति एवं भारी संख्या में श्री विश्वकर्मा के परिवारजन संबंधी जन एवं नगर के आमजनों सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे जहां श्री विश्वकर्मा का सभी ने भव्य स्वागत सम्मान रेलवे स्टेशन पर किया वही सैकड़ो युवाओं ने पहुंचकर तिरंगे के साथ नारे लगाते हुए श्री विश्वकर्मा का स्वागत किया।