इटारसी- के घाटली रपटा क्षेत्र में खसरा नंबर 459 की जमीन को लेकर उपजा विवाद अब काफी गंभीर हो गया है। अदालती आदेश के बाद शुरू हुई कब्जे की कार्रवाई ने हिंसक और भावुक मोड़ ले लिया है।
विवाद का मुख्य कारण
विवाद की जड़ खसरा नंबर 459 की 1.85 हेक्टेयर जमीन है।
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कोर्ट का फैसला: कृष्णकांत मेहतो के पक्ष में इटारसी सिविल कोर्ट ने फैसला सुनाया है। प्रशासन इसी आदेश के तहत जमीन का कब्जा दिलाने पहुँचा है।
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नागरिकों का तर्क: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन खसरा नंबर 459 के नाम पर खसरा नंबर 460 की जमीनों और मकानों पर कार्रवाई कर रहा है।
तनावपूर्ण स्थिति और विरोध
मौके पर हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं:
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मकानों पर संकट: इस कार्रवाई की जद में लगभग 08 परिवारों के मकान आ रहे हैं।
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कड़ा विरोध: प्रभावित परिवारों का कहना है कि “मर जाएंगे पर मकान नहीं टूटने देंगे।” लोग अपनी मेहनत की कमाई से बने घरों को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।
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मशीनरी की तैनाती: प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाने के लिए हाइड्रा मशीन बुलाई है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।
प्रशासन और जनता की मांगें
| पक्ष | वर्तमान स्थिति / मांग |
| नागरिक | केवल खसरा नंबर 459 की फिर से सटीक नाप (सीमांकन) की जाए। 460 को न छेड़ा जाए। |
| प्रशासन | कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए बल प्रयोग और मशीनों का सहारा ले रहा है। |
| यातायात | कार्रवाई के चलते घाटली रोड का हिस्सा बंद हो सकता है, जिससे आवागमन ठप होने की आशंका है। |
ताजा स्थिति: हालांकि प्रभावित पक्ष सिविल कोर्ट में केस हार चुके हैं, लेकिन जमीन के सीमांकन (Demarcation) को लेकर अभी भी भारी संशय और विरोध बरकरार है। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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पत्रकार कुणाल पासवान
Mob-7581988260


