चकमक क्लब कार्यशाला और बालमेलों का आयोजन
नवील वर्मा पत्रकार मो.9589208248
शाहपुर ब्लॉक में 10 गाँवों के 43 स्त्रोत बच्चों के साथ तीन दिवसीय कार्यशाला और 15 गाँवों के 760 बच्चों के साथ दो दिवसीय बालमेलों का आयोजन
एकलव्य संस्था बैतूल जिले के शाहपुर ब्लॉक में पिछले लगभग तीन दशकों से काम कर रही है, इस अक्टूबर माह में संस्था ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने 40 सालों की यात्रा को पूरा किया है। एकलव्य शाहपुर के एक कार्यक्रम – ‘शाला के अंदर व बाहर, शिक्षा को सशक्त करना’ के अंतर्गत 14 व 15 नवम्बर को 15 गाँवों (रायपुर, डेंडुपुरा, झापड़ी, धार, भातना, चिखल्दा, कछार, भौंरा, निशान, पहावाड़ी, कोयलबुड़डी, धासई, रानापुरा, मंगरापुरा और धपाड़ा) में शाला समय के पहले सुबह दो घंटे लगने वाले मोहल्ला लर्निंग एक्टिविटी सेंटर के कुल 760 बच्चों के साथ बालमेले का आयोजन किया जा रहा है। इन बालमेलो में बच्चों के साथ चित्रकला के अंतर्गत धागा-पेटिंग, चित्र बनाने, पुराने अखबार की मदद से स्टोरी टेलिंग व टोपी बनाना, विज्ञान के प्रयोगों के अंतर्गत पेपर कप की मदद से टेलिफोन बनाना व उसका उपयोग करना, लेखन व अभिव्यक्ति के मौके आदि गतिविधियों का आयोजन किया गया। मोहल्ला लर्निंग एक्टिविटी सेंटर (MLAC) न तो स्कूल का विकल्प है, न ही यह टयूशन सेंटर है। यह एकलव्य संस्था और स्थानीय समुदाय की भागीदारी से बच्चों की नवाचारी तरीके से गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के किया गया एक प्रयास है। यह वह जगह है जहां बच्चों के पालक बिना झिझक के आ सकते है, और केन्द्र प्रबंधन व संचालन में दखल दे सकते है। अपने बच्चों की पढ़ाई के बारे में केन्द्र संचालक (केन्द्र में बच्चों को पढ़ाने वाली/वाले साथी) से बेवाक होकर सवाल पूछ सकते है। यह वह जगह है जहां पर बच्चें अपनी गति और रूचि से सीखने का काम करते है। यहॉ ना तो पाठ्यक्रम पूरा करने की दौड़ है, और ना ही स्पर्धा का माहौल है। यहां हर बच्चा कथित रूप से मुख्य धारा की शिक्षा की उन दक्षताओं को अपने तरीके से हासिल करने का प्रयास करते है, जो स्कूल की भागदौड़ में उनसे छूट गयी है। साथ ही कुछ ऐसा भी जिसके स्कूल में हासिल होने की संभावना कम होती है।
इसके साथ ही एकलव्य ने ब्लॉक के 10 गाँवों (पावरझंडा, गुरगुंदा, चिमड़ी, कुंडी, मगरडोह, बानाबहेड़ा, मगरडोह, सालीमेट, चिरमाटेकरी और निशान) में थोड़ें बड़ें बच्चों के लिए चकमक क्लब भी शुरू किए है। जैसा कि इस क्लब के नाम में ही छुपा हुआ है, चकमक क्लब के पत्थरों को थोड़ा सा रगड़ने से उसमें चिंगारी पैदा होती है, उसी तरह हर बच्चे के अंदर असीम संभावनाएं होती है, यदि हम बच्चों को उनके परिवेश में कुछ नया करने का मौका दें तो यह बच्चे अपनी क्षमताओं को भरपूर इस्तेमाल करते है, अपने कौशलों को बढ़ाते है। माध्यमिक शालाओं के बच्चों की आमतौर पर सामाजिक जिम्मेदारी कम होती है, और इनमें भरपूर ऊर्जा होती है, चकमक क्लब इसी ऊर्जा को सकरात्मक दिशा में बढ़ाने का काम करता है। शाला समय के पहले या बाद हम गाँव में ही एक जगह का चुनाव करते है, जहाँ पर हम बच्चों के लिए बाल-साहित्य, विज्ञान के प्रयोगों की सामग्री, विज्ञान किट, चित्रकला की सामग्री, स्टेशनरी आदि रखते है। इन केन्द्रों को संचालन गाँव के चुने हुए कुछ बच्चों जिन्हें हम स्त्रोत बच्चे कहते है कि मदद से किया जाता है। एकलव्य ने हर गाँव से 4 से 5 स्त्रोत बच्चों को चयन किया है, इन बच्चों के साथ एकलव्य शाहपुर में 3 दिवसीय प्रशिक्षण (13 से 15 नवंबर 2022) का आयोजन किया जा रहा है, इस कार्यशाला में बच्चों को ऊँचाई व वजन नापना, बीएमआई इंडेक्स, विज्ञान के प्रयोग, चित्रकला, गीत-कविता कहानी गायन व पठन, लेखन, खेल व गतिविधियाँ करायी जा रही है, जिससे यह बच्चें अन्य बच्चों के साथ मिलकर और बेहतर तरीके से शिक्षा को और मजबूत बनाने का काम कर सकें।

