नर्मदापुरम से प्रवीण गौर की खास खबर//संघ शताब्दी वर्ष एवं राष्ट्रगीत वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने उपलक्ष्य में हुआ महानाट्य डॉक्टर हेडगेवार का मंचन नाटक की जीवन्त प्रस्तुति ने दर्शकों को 2:30 घंटे तक बांधे रखा
निकुम सोशल कल्चरल एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा संघ शताब्दी वर्ष एवं राष्ट्रगीत वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन 23 अप्रैल दिन गुरुवार को नर्मदा महाविद्यालय सभागार नर्मदापुरम में किया गया!
कार्यक्रम की शुरुआत में सामूहिक राष्ट्रगीत वन्देमातरम का गायन किया गया! उसके बाद परम पूज्यनीय डाॅ. केशवराव हेडगेवार जी की जीवनी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना एवं संघ के शुरूआती दौर के ऊपर महानाट्य डाॅ. हेडगेवार एक व्यक्ति, एक विचार, एक युग (पार्ट-1) का मंचन जन सेवा शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्था भोपाल के कलाकारों द्वारा किया गया! नाटक में अभिनेताओं के जीवन्त अभिनय एवं तकनीकी रचनात्मकता की युति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया एवं बांधे रखा!नाटक का लेखन एवं निर्देशन ‘गुलशन कुमार कावड़े’ द्वारा किया गया है एवं संगीत निर्देशन गायन शाहिर प्रसाद विभूते द्वारा किया गया है व संयोजन सचिन मलैया द्वारा किया गया है! कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्री मति माया नारोलिया रही एवं नगरपालिका अध्यक्ष श्री मति नीतू महेन्द्र यादव , सह प्रांत प्रचारक श्री सुरेंद्र सिंह जी, विभाग प्रचारक श्री नरेंद्र जी यादव, संस्कार भारती मध्यभारत प्रांत सह महामंत्री श्री कृष्ण गोपाल पाठक जी, विभाग कार्यवाह श्री देवी सिंह मीणा जी, विभाग संपर्क प्रमुख श्री अतुल जी सेठा, जिला सह कार्यवाह योगेश जी पवार, नगर कार्यवाह विकेश जी राजपूत, विभाग प्रचार प्रमुख संतोष जी नौरिया , श्री मति दुर्गा भदौरिया, श्री मति चित्रा हरणे, आरती शर्मा, डॉ. हर्षल कावरे, आशीष चटर्जी, कार्यक्रम प्रबंधक अभिषेक सैनी, संजय श्रोती, संजय पटेल, नितिन रोहर,एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे!
नाटक के बारे में:-
यह नाटक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक डाॅ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन उनके त्याग, तपस्या और संगठन निर्माण की गाथा को दर्शाता है ! डॉक्टर जी ने जीवन भर समाज को जागृत करने और संगठन निर्माण व्यक्ति निर्माण के लिए तपस्या की !नाटक में केवल ऐतिहासिक घटनाओं का चित्रण ही नहीं बल्कि दर्शकों के सामने उस युग की परिस्थितियां, चुनौतियां और समाज निर्माण की प्रेरणा को जीवंत किया गया है। इस नाटक में डॉक्टर हेडगेवार जी का त्याग ,उनका संघर्ष उनका संगठनात्मक दृष्टिकोण और राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन दिखाने का प्रयास किया गया है! डॉक्टर जी के जीवन की झलकियों की दृश्य दर दृश्य प्रस्तुति कर यह दिखाया गया है कि एक व्यक्ति किस प्रकार संगठन अनुशासन और निस्वार्थ सेवा के माध्यम से समाज की दिशा बदल सकता है! इसके साथ ही डॉक्टर जी का संघ को लेकर दूरगामी चिंतन और विचारधारा को बखूबी दर्शाया गया है! डॉक्टर साहब के संग के साथी अप्पा जोशी, अन्ना सोहनी , भाऊजी कावरे, यादवराव जोशी, गुरु गोलवलकर, बालासाहब देवरस आदि के त्याग, तपस्या और बलिदान का बखूबी चित्रण किया गया है!संघ निर्माता डाॅ. हेडगेवार जी के जन्म से लेकर संघ स्थापना, उनका महाप्रयाण एवं गुरू गोलवलकर जी को उत्तराधिकारी नियुक्त करना व संघ के शुरूआती वर्ष व आगे की कार्य योजना एवं उद्देश्य को दिखाया गया है। नाटक की प्रस्तुति ने दर्शकों को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने के साथ-साथ डॉक्टर हेडगेवार जी के जीवन मूल्यों को अपनाने की दिशा में एक छोटा सा प्रयास किया है!
इस महानाट्य की प्रमुख विशेषता :- यह है कि “डॉ. हेडगेवार – एक व्यक्ति, एक विचार, एक युग” के लेखक एवं निर्देशक श्री गुलशन कुमार कावड़े नर्मदापुरम जिले के छोटे से कस्बे सिवनी मालवा के युवा हैं। यह पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है कि इस भव्य महानाट्य की प्रस्तुति न केवल देशभर में, बल्कि विदेशों में भी प्रस्तावित है, जिससे नर्मदापुरम जिले का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित होगा।
मंच पर मुख्य भूमिका सूत्रधार के किरदार में संजय शुक्रवारिया,डॉक्टर केशवराव हेडगेवार के बचपन का किरदार विदित कौरव ने, पंडित बलिराम एवं युवा हेडगेवार जी का किरदार भारत सिंह बमनेले ने, वझे गुरुजी रविकांत वासनिक,वृद्ध हेडगेवार जी का किरदार विशाल चतुर्वेदी ने, मां रेवती हेडगेवार के किरदार में शिविका कटेरिया ने गुरु गोलवलकर जी का किरदार केशव केशवाल ने, बालासाहब देवरस का किरदार नितिन प्रेमनाथ ने, महात्मा गांधी का किरदार गोपाल लेले ने, सुभाष चंद्र बोस का किरदार महेन्द्र शुक्रवारे ने,अप्पा जोशी का किरदार राकेश श्रीवास्तव ने, भाऊ जी कावरे का किरदार अरुण ओझा ने, भाऊजी सुथार रूपेश श्रीवास्तव बॉबी ने, नारायण आप्टे एवं यादवराव जोशी का किरदार विवेक लोधी ने, अन्ना सोहने एवं डॉक्टर परांजपे का किरदार सोनू सांगडे ने व सहायक किरदारों में स्वयं मकोरिया, , मयंक नामदेव, मधुर नामदेव, पंकज शर्मा, पंकज गोयल, सुधीर जाधव , ऋतिक यादव, सुनील मिश्रा, यामिनी चक्रपाणि, पूनम वर्मा, रिया तिवारी, करिश्मा बांगड़ॆ, वैशाली लखेरा आदि कलाकारों ने भूमिका निभाई!
मंच परे:-
प्रकाश परिकल्पना -धन्नू लाल सिन्हा
रूपसज्जा – नरेंद्र राजपूत, सीमा मोरे
वेशभूषा – शिविका कटेरिया, खुशबू चौबीतकर
ए. आई. क्रिएशन – अखिल लेले
गीत लेखक – विवेक सावरीकर
