‘खाकी” पर भरोसा कायम: शराब के नशे में भूल गया 7 लाख का बैग, इटारसी पुलिस ने 2 घंटे में लौटाया l
इटारसी। एक तरफ जहां अवैध अहातों को लेकर पुलिस पर अक्सर ‘मौन स्वीकृति’ के आरोप लगते रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ थाना इटारसी के दो आरक्षकों ने ईमानदारी और मुस्तैदी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे महकमे का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। मामला फिल्मी जरूर है, लेकिन सौ फीसदी हकीकत है।
🚨 क्या है पूरा मामला?
बिहार के गोपालगंज (थाना विजयनगर, निवासी अहियापुर) के रहने वाले 34 वर्षीय अरुण यादव (पिता काशीराम यादव) इटारसी आए हुए थे। यहां वह एक शराब की दुकान पर गए, लेकिन नशे के सुरूर में अपना बैग वहीं भूलकर आगे निकल गए। जब नशा उतरा और होश आया, तो अरुण के पैरों तले जमीन खिसक गई। बैग कोई मामूली नहीं था, उसमें 6 लाख रुपये कीमत की सोने की 4 बालियां और 1 लाख रुपये की चांदी यानी कुल 7 लाख रुपये का माल था।
इटारसी पुलिस का ‘सुपरफास्ट’ एक्शन
बैग गायब होने की सूचना जैसे ही थाना इटारसी को मिली, ड्यूटी पर तैनात आरक्षक क्रमांक 538 शाकिर खान और आरक्षक क्रमांक 937 विपिन शुक्ला ने बिना एक पल गंवाए कमान संभाली। दोनों जवान तुरंत फरियादी अरुण यादव को साथ लेकर घटनास्थल (शराब दुकान) पहुंचे। अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए जवानों ने दुकान की बारीकी से तलाशी ली। किस्मत और पुलिस की तत्परता अच्छी थी—बैग वहीं मिल गया।
जब बैग को खोलकर चेक किया गया, तो उसमें सोने की चारों बालियां और चांदी का सारा सामान पूरी तरह सुरक्षित था। पुलिस ने मौके पर ही कागजी औपचारिकताएं पूरी कर 7 लाख का माल अरुण यादव के सुपुर्द कर दिया।
इटारसी पुलिस की 3 बड़ी बातें: क्यों खास है यह कार्रवाई?
- 2 घंटे में क्विक रिस्पॉन्स: फरियादी बिहार का रहने वाला था, अनजान शहर था। पुलिस चाहती तो उसे FIR और वेरिफिकेशन के लंबे चक्करों में उलझा सकती थी, लेकिन जवानों ने सीधे मौके पर जाकर एक्शन लिया।
- साफ नीयत और ईमानदारी: 7 लाख रुपये का सोना-चांदी देखकर भी जवानों का ईमान नहीं डगमगाया। उन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ माल मालिक को सौंप दिया।
- भेदभाव रहित व्यवहार: अक्सर पुलिस शराब के नशे में धुत्त व्यक्ति को ‘तू तो दारू पीकर आया है’ कहकर भगा देती है, लेकिन इन जवानों ने इंसानियत को आगे रखा और पीड़ित की पूरी मदद की।
🗣️ “बिहार में होता तो चक्कर काटता…” (फरियादी की जुबानी)
”मैं तो समझ चुका था कि मेरा सब कुछ लुट गया। अगर मैं अपने गृह राज्य बिहार में होता, तो शायद थाना और कोर्ट के चक्कर ही काटता रह जाता। इटारसी पुलिस ने जो इंसानियत दिखाई है, उसके लिए मैं आरक्षक शाकिर भाई और विपिन भाई का एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा।”
— अरुण यादव, फरियादी
‘कॉप ऑफ द मंथ’ की मांग: अहाते-वसूली के आरोपों के बीच असली हीरो
इटारसी की जनता और जागरूक नागरिकों ने TI इटारसी और SP नर्मदापुरम से मांग की है कि ईमानदारी की मिसाल पेश करने वाले आरक्षक शाकिर खान और विपिन शुक्ला को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ के सम्मान से नवाजा जाए। अहातों और वसूली के आरोपों के बीच, इन दो जवानों ने साबित किया है कि खाकी में आज भी जनता का रक्षक मौजूद है। कलेक्टर और SP साहब अहातों पर जितनी सख्ती दिखा रहे हैं, उतनी ही शाबाशी इन जवानों को भी मिलनी चाहिए, क्योंकि पब्लिक का भरोसा ऐसे ही कामों से बनता है।
- सावधानी जरूरी: नशे की हालत में कभी भी कीमती सामान या जेवरात लेकर न चलें। आज पुलिस ईमानदार मिल गई, कल कोई और मिलता तो पछताना पड़ता।
- पुलिस पर रखें भरोसा: यदि आपके साथ कोई अनहोनी या चोरी होती है, तो तुरंत 100 डायल करें। इटारसी पुलिस हमेशा आपकी मदद के लिए तैयार
✨ आज का विचार (Thought of the Day) ✨
“रिश्ता और भरोसा इस दुनिया के दो ऐसे पासवर्ड हैं, जो इंसान की नीयत साफ होने पर ही काम करते हैं। ईमानदारी से कमाया गया सम्मान, दुनिया की हर दौलत से कीमती होता है।”
लेखन शिष्टाचार: कुणाल की कलम (पत्रकार कुणाल पासवान)

