मित्र की स्मृति में सेवा का संकल्प, “ओल्ड इज़ गोल्ड” परिवार ने बांटा भोजनl
इटारसी। महात्मा गांधी महाविद्यालय के सन् 1979-81 बैच के साथियों के समूह “ओल्ड इज़ गोल्ड” ने अपने प्रिय मित्र स्व. सुनील सक्सेना की स्मृति में एक सराहनीय पहल की है। समूह के सदस्यों ने पुलिस थाने के समीप संचालित खाटू श्याम सामुदायिक रसोई में सेवा कार्य करते हुए जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित किया।
इस भावुक और प्रेरणादायी अवसर पर समूह के सदस्यों ने जरूरतमंद लोगों के साथ बैठकर भोजन को प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया तथा समाज में सेवा, समानता और मानवता का संदेश दिया। उपस्थित साथियों ने कहा कि अपने दिवंगत मित्र की स्मृतियों को जीवंत रखने का इससे श्रेष्ठ माध्यम कोई दूसरा नहीं हो सकता कि समाज सेवा और जनकल्याण के कार्य किए जाएं।
सामाजिक सरोकारों में हमेशा आगे रहता है समूह
समूह के सदस्य अशोक यादव ने बताया कि “ओल्ड इज़ गोल्ड” परिवार केवल यादों तक सीमित नहीं है, बल्कि समय-समय पर सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जनहित के विभिन्न कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाता है। मित्रता के पवित्र बंधन के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना भी इस समूह की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरंतर जारी है खाटू श्याम रसोई का सेवा यज्ञ
इस अवसर पर खाटू श्याम रसोई के सेवादार नितिन वर्मा ने बताया कि रसोई द्वारा नियमित रूप से जरूरतमंद, असहाय एवं श्रमिक वर्ग के लोगों को निःशुल्क भोजन वितरित किया जाता है। समाज के प्रबुद्ध जनों के सहयोग से संचालित यह सेवा निरंतर मानवता के कल्याण के उद्देश्य से आगे बढ़ रही है।
यह रहे उपस्थित
इस पुण्य कार्य के दौरान लखन सिंह तोमर, ज्योति प्रकाश दुबे, सुरेंद्र सिंह भदोरिया, अमरजीत सिंह छाबड़ा, राजेंद्र अग्रवाल, सुभाष चौधरी, अजय शुक्ला, अरविंद बसरवार, सुधीर जैन, कमलेश गौर, राजेंद्र यादव (बड्डे भैया), कन्हैयालाल सजवानी, मोहनलाल मानिक एवं राममोहन पटेल सहित अन्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने खाटू श्याम रसोई की भोजन सेवा में बढ़-चढ़कर सहयोग करते हुए जरूरतमंदों को अपने हाथों से भोजन कराया।
दिखा सेवा और मित्रता का अनूठा संगम
कार्यक्रम के अंत में खाटू श्याम रसोई परिवार की ओर से मनीष ठाकुर ने “ओल्ड इज़ गोल्ड” परिवार के सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा, मित्रता और सामाजिक समर्पण का यह संगम समाज के लिए एक बेहतरीन प्रेरणास्रोत है तथा ऐसे निस्वार्थ प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
स्व. सुनील सक्सेना की स्मृति में आयोजित यह सेवा कार्य आज शहर में मित्रता, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरक उदाहरण बन गया है।
आज का विचार: “मित्रता केवल साथ हंसने का नाम नहीं, बल्कि बिछड़ जाने के बाद भी मित्र की यादों को समाज सेवा के दीप से रोशन रखने का संकल्प है।”
– कुनाल की कलम से
पत्रकार कुनाल पासवान, इटारसी

