जिला प्रशासन की अनूठी पहल: नर्मदापुरम में ‘आरोग्यम जन स्वास्थ्य शिविर’ हर पंचायत में होगी 14 तरह की मुफ्त जांचें I
नर्मदापुरम/इटारसी। जिले के नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय नवाचार किया है। नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा की पहल और निर्देश पर सोमवार को जिले में ‘आरोग्यम नर्मदापुरम जन स्वास्थ्य सेवा’ का गरिमामय शुभारंभ किया गया। इस महाअभियान के तहत जिले की सभी 425 ग्राम पंचायतों में हर बुधवार और शनिवार को विशेष जन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करना है। यदि जांच के दौरान कोई नागरिक बीमार पाया जाता है, तो उसे निशुल्क दवाइयां और समुचित उपचार दिया जाएगा। जिले के 154 उप स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से इन शिविरों का संचालन होगा।
शिविरों में मिलेंगी ये बड़ी सुविधाएं और 14 निशुल्क जांचें:
शिविरों में अत्याधुनिक और जरूरी 14 प्रकार की जांचें पूरी तरह मुफ्त की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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सिकल सेल एनीमिया और खून (हीमोग्लोबिन) की जांच।
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यूरिन एल्बुमिन, यूरिन शुगर और ब्लड शुगर की जांच।
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मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, फाइलेरियासिस, कुष्ठ और टीबी (खकार) की जांच।
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एचआईवी (HIV), सिफलिस, हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी की जांच।
गर्भवती माताओं से लेकर ‘मेंटल हेल्थ’ तक का होगा परीक्षण
इस महाअभियान के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा गर्भवती माताओं, महिलाओं और किशोर बालक-बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों की बारीकी से जांच होगी और टीकाकरण से छूटे बच्चों को कवर किया जाएगा। कुपोषित बच्चों, उच्च रक्तचाप (बीपी) के मरीजों, वृद्धजनों के साथ-साथ ओरल कैंसर, अंधत्व और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) की भी विशेष जांच व काउंसलिंग की जाएगी। शिविर में आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी (ABHA ID) बनाने की सुविधा भी रहेगी।
ढाई लाख बच्चों और 23 हजार माताओं पर विशेष फोकस
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि इस अभियान के तहत 23 हजार गर्भवती माताओं और 1 वर्ष तक के 21 हजार बच्चों की सेहत पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही ढाई लाख बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। 8 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन वाले एनीमिया पीड़ितों का प्राथमिकता से इलाज होगा। यदि कोई गंभीर मरीज मिलता है, तो मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों को बुलाकर या आवश्यकता पड़ने पर जिले के बाहर रेफर कर उच्च स्तरीय इलाज कराया जाएगा। जो बुजुर्ग एलोपैथी दवाएं नहीं लेते, उन्हें होम्योपैथी दवाएं दी जाएंगी।
पहला सुख निरोगी काया, महिलाएं संकोच छोड़ आगे आएं: राज्यसभा सांसद
शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने इस अनुपम पहल के लिए कलेक्टर और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, “हमारे जीवन का पहला सुख निरोगी काया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की भी यही मंशा है कि हर नागरिक स्वस्थ रहे।” उन्होंने विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं से अपील की कि वे अपनी बीमारियों को छुपाएं नहीं और संकोच छोड़कर इन शिविरों में जांच कराएं, क्योंकि समय पर बीमारी का पता चलने से इलाज आसान हो जाता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया।
हाईटेक होगी मॉनिटरिंग, हर मरीज को मिलेगा ‘आरोग्यम कार्ड’
प्रशासन ने इस अभियान को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। शिविर में आने वाले प्रत्येक हितग्राही की स्कैनिंग के बाद उन्हें एक ‘आरोग्यम कार्ड’ प्रदान किया जाएगा। आशा और एएनएम की टीम हर 15 दिन में मरीज का घर जाकर फॉलोअप लेंगी। प्रत्येक शिविर की मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर के अधिकारी गांवों का दौरा करेंगे। गूगल शीट और संबंधित पोर्टल पर सीएचओ (CHO) व बीपीएम द्वारा तत्काल डेटा अपडेट किया जाएगा।
आगामी वृहद शिविर: आगामी 17 जून को जिला स्तर पर और 18 जून को बनखेड़ी में बेहद विशाल (वृहद) स्तर पर आरोग्यम जन स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे।
आज का विचार:
“स्वस्थ नागरिक ही एक सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करते हैं। ‘आरोग्यम नर्मदापुरम’ का यह सरकारी प्रयास तभी पूरी तरह फलीभूत होगा, जब ग्रामीण अंचल का अंतिम व्यक्ति भी जागरूक होकर इस स्वास्थ्य कवच का लाभ उठाएगा।”
– जनपक्षीय पत्रकारिता, कुणाल की कलम से पत्रकार कुणाल पासवान (इटारसी)

