प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ ग्राम आरी निवासी भूरा सराठे आयु 32 साल पिता श्री गौरीशंकर सराठे एवम माता का नाम श्रीमती गनपति बाई ने एक शपथ पत्र में कलेक्टर को एक आवेदन के द्वारा बताया कि मैं ग्राम आरी में स्थायी रूप से निवास करता हूँ, मेरा परिवार गरीबी रेखा की श्रेणी में आता है मेरी मां गनपतीबाई के नाम से गरीबी रेखा का राशन कार्ड बना हुआ है। यह कि ग्राम आरी में पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत मेरी माँ गनपती बाई का नाम में आया था तथा ग्राम के सचिव पति हरिओम गौर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृति हेतु मेरी माँ से 5000 रूपये की मांग की गई तथा मेरी मां ने 5000 रूपये मेरे सामने अपनी कान के गहने रखकर ब्याज पैसे उधार लेकर उक्त राशि ग्राम आरी के सचिव पति हरिओम गौर को मेरे समक्ष नगद दिये गये। परन्तु उसके बावजूद भी आज दिनांक तक हमें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। सचिव पति हरिओम द्वारा कहा गया था कि ग्राम के 70 लोगों के नाम के उपरांत आपकी आवास योजना की राशि में दिला दूंगा एवं आपका प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत मकान निर्माण कार्य करा दूंगा। परन्तु 70 लोग अधिक व्यक्तियों की आवास योजनातर्गत राशि डाली जा चुकी है, परन्तु साल 2017 से मेरी माँ का नाम सर्वे सूची में चल रहा है। परन्तु आज दिनांक तक हमें योजनातर्गत कोई भी लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। सचिव द्वारा हमसे अवैधानिक रूप राशि प्राप्त कर ली है। परन्तु हमें वह टालमटोली कर टाल रहा है। बार-बार निवेदन करने पर भी हमें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दे रहा है। मैं यह शपथ पत्र ग्राम आरी के सचिव पति हरिओम गौर द्वारा मुझे एवं मेरे परिवार को बिना किसी कारण के परेशान करने, प्रताडित करने गुमराह करने एवं 5000 रूपये लेकर भी आज दिनांक तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं देने एवं हमें प्रताडित किये जाने की वजह से दे रहा हूं और मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दिलाया जाए। उक्त संबंध में भूरा सराठे ने बताया कि मेरा मकान पिछली बार इसमें गिर गया था इसके बाद से में किसी परिचित के घर में परिवार के साथ रह रहा हूं।
नहीं उठाया मोबाइल
इस मामले में पीड़ित की शिकायत के बाद ग्राम पंचायत की सचिव के पति हरिओम गौर और सरपंच को मोबाइल पर प्रतिक्रिया लेने के लिए कॉल किया गया मगर दोनों ही जिम्मेदारों ने फोन रिसीव नहीं किया।

