प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ (हरदा) श्रीमद् भागवत कथा में भगवान शिव और पार्वती जी का विवाह संपन्न हुआ। जिसमें भगवान शिव बने संदीप पटेल, वही माता पार्वती बनी श्रीमती अमृता संदीप पटेल। विधि विधान के साथ विवाह संपन्न हुआ। भगवान शिव की बारात में भगवान शिव की शादी में बराती बने कृषि मंत्री कमल पटेल। झूमकर नाचते गाते हुए सभी बारातियों के साथ बारात पहुंची और माता पार्वती के साथ विवाह संपन्न हुआ।
*बिना लड़ाई करें लड़ाई जीत सकते हो जया किशोरी*
ख्यातनाम कथा वाचिका जया किशोरी ने आज की भागवत कथा में बताया कि बिना लड़ाई करे भी लड़ाई को जीती जा सकती है जैसे महाभारत के समय कृष्ण जी ने कोई लड़ाई नहीं लड़ी थी बल्कि पूरे समय राजनीति की और अपनी चतुर राजनीति से पांडवों को जीत दिलाई। जबकि पांडव पांच ही थे और कौरवो की संख्या 100 थी साथ ही बताया कि कृष्ण नियम से हटकर जो अच्छा लगता था और जो सत्य था, उसी की राजनीति करते थे और जो उन्हें अच्छा लगता था उसे जीत दिलाते थे। कृष्ण नियम भी तोड़ते थे। जैसे के साथ जैसे ही करते थे, अगर सही है तो सही के साथ सही करते थे और गलत है तो गलत के साथ गलत करते थे। भगवान राम नियमों से चलते थे, नियमों के बड़े पक्के थे सिद्धांतों पर बात करते थे। कृष्ण और राम में बहुत अंतर था दोनों अपने विचारों से परे थे।

