प्रदीप गुप्ता /नर्मदापुरम /शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में चिन्नास्वामी सुब्रमण्यम भारती के जन्मदिवस को भारतीय भाषा दिवस के रूप में मनाया गया। भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में भारतीय भाषा दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम श्रृंखला का आयोजन विभिन्न महाविद्यालयों में किया जा रहा है। सुब्रमण्यम भारती की छाया चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि चिन्नास्वामी सुब्रमण्यम भारती कवि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक एवं पत्रकार के रूप में काम करते रहे। उत्तर भारत दक्षिण भारत के मध्य एकता के सेतु के रूप में उन्होंने सहयोग किया। उनकी देश प्रेम की कविताएं इतनी श्रेष्ठ है कि उनको भारतीय उपनाम से पुकारा जाने लगा। यह एक बेहतर अवसर है जिससे विद्यार्थी विभिन्न भाषाओं का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं एवं अपने रोजगार की संभावनाओं में भी वृद्धि कर सकते हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ संध्या राय ने अपने उद्बोधन में कहा कि नवीन शिक्षा पद्धति को ध्यान में रखकर ही चिन्नास्वामी सुब्रमण्यम भारती के जन्मदिवस को भारतीय भाषा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस तारतम्य में विभिन्न प्रदेशों के पहनावे, खेल एवं भाषा से संबंधित कार्यक्रम के माध्यम से युवा पीढ़ी को पारंगत किया जाएगा। डॉ मनीष तिवारी ने छात्राओं को भारती जी के जीवन वृत एवं कविताओं से के बारे में बताया। डॉ कीर्ति दीक्षित ने चिन्ना स्वामी सुब्रमण्यम भारती के साहित्य में योगदान की बात रखी। डॉ मधु विजय ने भारती जी के काव्य संग्रह की जानकारी छात्राओं से साझा करें। इस कार्यक्रम में श्रुति गोखले, डॉ दशरथ मीणा, अजय तिवारी, कुमारी काजल बाथरे ने अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया । कुमारी शीतल तिवारी ने इस अवसर पर संस्कृत में लोक एवं वंदना की प्रस्तुति की।

