प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम / पूर्व मंत्री, विधायक लखन घनघोरिया एवं प्रभारी मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजकुमार केलू उपाध्याय द्वारा संयुक्त पत्रकार वार्ता मे बताया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा 23 नवंबर से 5 दिसंबर तक मध्यप्रदेश के बुरहानपुर, खंडवा खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर मालवा जिलों से होकर कुल 387 किलोमीटर मध्यप्रदेश में चली। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी राहुल गांधी और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पूरे समय यात्रा में मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने एक आम यात्री की तरह कैंप में ही रात्रि विश्राम किया और पद यात्रियो के साथ ही भोजन किया। नेता, कार्यकर्ता और जनता के इस संगम ने मध्यप्रदेश में नया जन आंदोलन प्रारंभ कर दिया है। यात्रा जिन इलाकों से गुजरी है, उन इलाकों के लोगों को यात्रा में शामिल होने और यात्रा के प्रति जनता के उत्साह को प्रत्यक्ष देखने का मौका मिला। लेकिन जिन क्षेत्रों से होकर यात्रा नहीं गुजरी उन लोगों को भी इस बात का भली-भांति ज्ञान है कि राहुल गांधी की यात्रा ने नया इतिहास रच दिया है। उक्त बात पत्रकार वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कार्यालय नर्मदापुरम में पूर्व मंत्री, विधायक लखन घनघोरिया द्वारा कही गई। नफरत छोड़ो, भारत जोडो के नारे के साथ चल नही यात्रा में मध्यप्रदेश में हर समय लाखों लोग शामिल रहे। बच्चे, बूढ़े, जवान सभी में यात्रा में शामिल होने की लेकर जबरदस्त उत्साह था। पुरूषों के साथ ही महिलाओं ने भी यात्रा में बढ़ चढ़कर भाग लिया। यात्रा के प्रत्यक्ष दर्शी बता सकते है कि राहुल गांधी की यात्रा के लिए जो जन समुदाय उमड़ा वह भाजपा के नेताओं की तरह पैसे देकर बुलाई गई भीड़ नहीं थी और ना ही इस जन समुदाय को बुलाने के लिए कलेक्टर और एसपी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह जबरदस्ती बुलाए जाने वाले कथित लाभार्थियों की भीड़ नहीं थी। राहुल गांधी की यात्रा में मध्यप्रदेश की जनता ने स्वच्छा से भाग लिया। यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि राहुल गांधी ने दिनभर पैदल चलने के दौरान समाज के हर वर्ग के व्यक्ति से खुली बातचीत की। इस बातचीत में राहुल गांधी ने जनता के मन की बात सुनी और उनके तन, मन, धन की रक्षा करने की रणनीति बनाई। प्रभारी, मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजकुमार कलू उपाध्याय ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहाँ कि किसान, मजदूर बुनकर, कारीगर उद्यमी, बेरोजगार, महिलाए स्व सहायता समूह पूर्व सैनिक, रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी और समाज के हर वर्ग के लोगों से बातचीत की। राहुल गांधी के प्रति उमड़े जनता के प्यार से मध्यप्रदेश की सरकार इस कदर भयभीत हो गई कि यात्रा में शामिल होने आ रहे लोगों को बहुत जगह पर रोका गया। एक आदिवासी शिक्षक ने जब आदिवासी परंपरा के अनुसार राहुल गांधी को तीर कमान भेंट किया तो भाजपा सरकार ने उसे नौकरी से निलंबित कर दिया। यात्रा का प्रचार-प्रसार ना हो सके इसके लिए कांग्रेस के मीडिया और सोशल मीडिया विभाग के जिम्मेदार लोगों के ऊपर झूठे मुकदमे लगाए गए। पूरी सरकार के मंत्री हर दिन कोई नया झूठ लाकर इस बात की कोशिश करते रहे कि भारत जोड़ो यात्रा से मीडिया और जनता का ध्यान हट जाए।

