प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ नगर के सेठानी घाट पर आयोजित शिव महापुराण के प्रथम दिवस कथा को प्रारंभ करते हुए भागवत आचार्य पंडित सोमनाथ शर्मा ने कहा कि भगवान शिव की कथा समस्त पापों का नाश करने वाली है शिव महापुराण की कथा ऐसी कथा है। जिस कथा को भगवान नारायण भी सुनते हैं शिव महापुराण में 24000 श्लोक हैं सात संहिताएं हैं। जिसमें भगवान शिव के पराक्रम ऐश्वर्य उनकी महिमा का सुंदर वर्णन है। भगवान शिव की कथा बड़े से बड़े पापियों का नाश कर देती है। इसका उदाहरण शिव महापुराण के महत्त्व में दो कथाओं के माध्यम से मिलता है। पहली कथा देव राज नाम के ब्राह्मण की है जिसने भगवान शिव की कथा को सुनकर समस्त पुण्य को प्राप्त किया और भगवान शिव के लोग को गया और दूसरी कथा चंचुला नाम की स्त्री की है। जिसने भगवान शिव की कथा को सुनकर उनकी भक्ति को धारण किया और भगवान शिव के लोक में जाकर पार्वती जी की सखी हुई भोलेनाथ की कथा सभी प्राणी का कल्याण करने वाली और भक्ति ज्ञान वैराग्य बढ़ाने वाली है भोग और मोक्ष प्रदान करने वाले भगवान शंकर उनकी कथा सुनने वाले पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं और कथा व्यास जी ने कहा कि नर्मदा तट पर तो शिव महापुराण की महिमा और अनंत गुना बढ़ जाती है। क्योंकि नर्मदा के तट पर किया गया पुण्य 100 गुना फल प्रदान करने वाला है कथा का आयोजन नीलकंठ महादेव सेवा समिति के द्वारा कराया जा रहा है। आचार्य पंडित सुनील द्वारा सुंदर आयोजन को किया जा रहा है। कथा श्रवण करने के लिए नगर से धर्म प्रेमी पहुंच रहे हैं। शिव महापुराण अनुष्ठान में प्रातः 9:00 से 11:00 तक भगवान शिव के पार्थिव स्वरूप का अभिषेक होता है और कथा का समय दोपहर 2:00 से 6:00 बजे तक है।

