प्रदीप गुप्ता /नर्मदापुरम/ नगर के सुप्रसिद्ध सेठानी घाट पर आयोजित श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव में कथा का श्रवण करने नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा शामिल हुए। कथा के तीसरे दिन भागवत आचार्य पंडित सोमनाथ शर्मा ने कहा कि विदेश्वर संगीता में शिव महापुराण में भस्म त्रिपुंड और रुद्राक्ष की महिमा बताई गई है। साथ ही साथ दान की महिमा का वर्णन भी शिव महापुराण में किया गया है। दान अपने से श्रेष्ठ को दिया जाता है, वही हमें पुण्य का भागी बनाता है और उसी के कारण दिव्य लोगों में सुख में भोगने को मिलते हैं, परोपकार और दान में बहुत अंतर है। परोपकार सहायता के उद्देश्य किया जाता है और दान पुण्य के उद्देश्य किया जाता है। किस पात्र को किस चीज का दान करना चाहिए। यह शिव महापुराण में विस्तार से वर्णन है, भगवान शिव को विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक करने पर मनोकामना पूरी करते हैं। कथा व्यास जी ने कहा कि भगवान शिव भंडारी हैं और देने वाले देवता है वे अपने भक्तों को सदैव कुछ ना कुछ प्रदान करते हैं अलग-अलग चीजें चढ़ाने पर भगवान अलग-अलग मनोकामना की सिद्धि करते हैं। शिव महापुराण में भस्म का बहुत महत्व बताया गया है। बिना भस्म धारण किए और बिना रुद्राक्ष धारण किया कर शिवजी का पूजन किया जाए तो वह पूरा फल नहीं देता। इसलिए शिवजी के पूजन में उनके चिन्ह और रुद्राक्ष को धारण किया जाता है। कथा के तीसरे दिन भर सोता कथा को सुनने पहुंच रहे हैं। जिसमें पंडाल में बड़ी संख्या में भीड़ उपस्थित हो रही है। कथा का आयोजन श्री नीलकंठ महादेव समिति के द्वारा कराया जा रहा है और आचार्य पंडित सुनील महंत के माध्यम से सुंदर आयोजन हो रहा है। कथा का समय दोपहर 2:00 से 6:00 बजे तक है। चौथे दिन कथा में भगवान शिव का विवाह और उनके चरित्रों का विस्तार होगा।

