इटारसी/नितिन श्रीवास : माता-पिता की जीवन भर सेवा जैसी भारतीय संस्कृति से प्रभावित होकर प्रांत की एक दंपत्ति ने इटारसी के एक बालिका गृह की बच्ची को गोद लेने का निर्णय लिया है। सितंबर 2021 में फ्रांस के मालटिज़ा शहर निवासी डेनिस एवं स्टेफना दंपत्ति ने वर्ल्ड स्तरीय संस्था ‘कारा’ से अनुमति लेकर इटारसी की मुस्कान बालिका गृह की बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया प्रारंभ की। पिछले दिनों से यह दंपत्ति इटारसी के आनंदम गेस्ट हाउस में ठहरी है। सोमवार को सारे कागजात तैयार होने के बाद कलेक्टर मैं फ्रांस के इस दंपत्ति को मुस्कान संस्था इटारसी से ले जाने की अनुमति दे दी है। बता दें कि इस दंपत्ति का खुद का एक 18 वर्षीय पुत्र भी है। अंग्रेजी कल्चर के कारण भारतीय बच्चों की ताउम्र गार्जियन की सेवा भाव से यह काफी प्रभावित है।
चित्रकला, शतरंज में पारंगत है बच्ची
वर्ष 2009-10 में मुस्कान बालिका गृह में आई यह बालिका चित्रकला और शतरंज में पारंगत है। आठवीं कक्षा की यह छात्रा अब फ्रांस के स्कूल में आगे की पढ़ाई करेगी। संचालिका ऋतुराज राजपूत ने बताया कि मनीष ठाकुर एवं अमृता ठाकुर छह माह की आयु से ही इसके पालक रहे हैं। इसकी टीचर बनने की इच्छा है।
9 माह से मुस्कान से हो रही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
सितंबर 2021 में ‘कारा’ की अनुमति के बाद से पिछले 9 माह से उक्त दंपति की मुस्कान से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की प्रक्रिया चल रही है। प्रत्येक रविवार यह कॉल का सिलसिला चलता रहता है।
न्यास कॉलोनी में होगा भव्य विदाई समारोह
डायरेक्टर मनीष ठाकुर के निर्देशन में महादेव सुंदरम जनकल्याण शिक्षण समिति मुस्कान बालिका गृह में बच्ची के विदाई समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुमति मिल गई है। 16 दिसंबर को विदाई समारोह कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। 17 दिसंबर को बच्ची को लेकर फ्रांस के दंपत्ति रवाना होंगे।
कलेक्टर ने दी अनुमति
इस संबंध में कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि सारे कागजात की जांच करने के उपरांत फ्रांस के नागरिकों को मुस्कान संस्था इटारसी से बच्ची को लेकर जाने की अनुमति दे दी गई है।

