ईमानदारी की मिसाल……
आज के इस आधुनिक समय में इंसान के लिए सबसे बढ़कर पैसा हो गया है। पैसों के लिए आजकल कुछ लोग बड़े-बड़े अपराध करने में भी नहीं डरते हैं। ऐसे में समाज के कुछ लोग ऐसे भी है जो तमाम मोह माया बंदिशों से अलग आज भी ईमानदारी और इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं। ऐसी मिसाल सोमवार जिला सहकारी बैंक शाखा बडोरा बैतुल् मे चरितार्थ दिखी। शाखा में करीब शाम 4 बजे कृषक नारायण धाकड़ ने अपने खाते से 46 हजार रुपए निकाले और रुपए लेकर बैंक के बाहर चले गए एवं सामने रखी बेंच पर ही उन्होंने रुपए नापे और भूलवश वहीं छोड़कर चले गए। करीब आधे घंटे बाद केसियर गोकुल यादव बाहर निकले तो उन्हे नोट की गड्डी बेंच पर दिखी। जिसे उन्होंने उठाकर शाखा प्रबंधक सुदामा सरले को जानकारी दी। करीब एक घंटे तक कृषक नारायण धाकड़ को बैंक कर्मचारियों ने मंडी प्रांगण में ढूंढ कर रुपए वापस कर दिए। रुपए वापस मिलने के बाद कृषक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में चंद पैसों के लिए कुछ लोगों का ईमान डोल जाता है। उन्होंने ईमानदार बैंक कर्मचारियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि अब मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि “ईमानदारी अभी भी जिंदा है।”
