डोलरिया नर्मदा समय प्रवीण गौर की रिपोर्ट
मानव कल्याण के लिए भागवत कथा का अनुसरण करना जरूरी : निकिता दुबे*
*डोलरिया* –ग्राम मोहारी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन की कथा प्रारंभ करते हुए कथा वाचिका बाल विदुषी निकिता दुबे बताया कि मनुष्य जीवन सबसे उत्तम माना गया है। मनुष्य योनि में भगवान भी जन्म लेना चाहते हैं। जिससे वह अपने आराध्य की भक्ति कर सकें। कृष्ण ने भागवत गीता के माध्यम से बुराई व सदाचार के बीच अंतर बताया। भगवान कृष्ण किसी जात-पात व धर्म को नहीं जानते। वह तो केवल भक्ति मातृ के प्रेम को जानते हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर भगवान को अपने भक्तों की भक्ति के आगे झुककर सहायता के लिए आना पड़ता है। मित्रता, सदाचार, गुण, अवगुण, द्वेष सभी प्रकार के भाव को व्यक्त किया। जब तक हम किसी चीज के महत्व को नहीं जानते तब तक उनके प्रति मन में श्रद्धा नहीं जगती। जब तक भक्तों का मन पवित्र नहीं होगा, इस दौरान यहां श्री कृष्ण और रुक्मणी के विवाह का सचित्र मंचन किया गया। कृष्ण रुकमणी विवाह मंचन के दौरान कथा में मौजूद महिला श्रद्धालुओं ने भजनों पर जमकर नृत्य किया।
