
बबलू निरापुरे आमला
आमला. गांवों को शहरों से जोडऩे वाली प्रधानमंत्री सड़कों का निर्माण मानक आधार पर नहीं किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। शनिवार को ग्रामीणों ने नवनिर्मित पीएम सड़क पर खड़े होकर गुणवत्ताविहिन कार्य का विरोध किया और जिला कलेक्टर से कार्रवाही की मांग की। दरअसल बोरीखुर्द से कजली जोड़ तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 461.11 लाख की लागत से साढ़े सात किमी डामरीकृत सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिसका ठेका भोपाल के ठेकेदार को मिला है, लेकिन ठेकेठार द्वारा गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा। पूर्व जनपद सदस्य जगदीश खातरकर, गौरीशंकर सराटकर, कलीराम पटवारी ने बताया कि जिस मापदंड से सड़क निर्माण होना था, वैसा नहीं हो रहा। पुराने मार्ग पर ही डामर डालकर सड़़क बनाई जा रही है। सड़क बनाने बेस भी तैयार नहीं किया गया। निर्माण में भी काफी घटिया किस्म की सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क निर्माण में न तो ग्रेडिंग किया गया है और न लेबल मिलाया गया है। जिससे नवनिर्मित सड़क उबड़-खाबड़ बन रही है। जिसकी जांच होना चाहिए।

नहीं दिया जा रहा मापदंडो का ध्यान ……………….
प्रधानमंत्री सड़क में मापदंडो का ध्यान नहीं रखा जा रहा। ग्रामीण राजू पटवारी, कमलेश रहडवे, महेश रावत, शिवपाल पटवारी का कहना है कि नियम के आधार पर सडक निर्माण के लिए 20-20 सेंटीमीटर की दो लेयर में मुरुम डालकर पानी और रोलर से दबाया जाना था। मुरुम के बाद 20 सेमी. मोटी लेयर में मिश्रित गिट्टी (डब्ल्यूएमएम) के ऊपर 7 सेमी में पत्थर की गिट्टी डामर के साथ डालना था। अंत में 2.50 सेमी के लेयर में डामर युक्त गिट्टी बिछाना था, किन्तु बोरीखुर्द से कजली जोड़ तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क में मानक की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। जिससे सड़क चंद सालों में ही उखड़ जायेगी।

निर्माण कार्यों की नहीं हो रही मानिटरिंग ………………..
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क अंतर्गत बनने वाली सड़कों की सहीं मॉनीटरिंग नहीं हो रही। जिसकी वजह से स्तरहीन निर्माण सामग्री का उपयोग कर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण चेतन पंवार, यादोराव रावत ने बताया कि रेम भी सहीं ढंग से नहीं मिलाई जा रही। जिससे वाहनों के आने-जाने में परेशानी होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायते करने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं देते है और गुणवत्ताविहिन मटेरियल और निर्माण कार्यो पर परदा डालकर ठेकेदारों का पक्षपात करते है। जिससे सड़क समय से पहले ही दम तोड़ देती है और इसका खामियाजा ग्रामीणों को चुकाना पड़ता है।

सुधार नहीं तो करेेगे कलेक्टर से शिकायत ………….
प्रधानमंत्री सड़क निर्माण में हो रही लापरवाही को लेकर ग्रामीण जिला कलेक्टर से शिकायत करेगे। पूर्व जनपद सदस्य जगदीश खातरकर, गौरीशंकर सराटकर, पूर्व सरपंच कलीराम पटवारी, राजू पटवारी ने कहा कि बिना सड़क सफाई किए धूल मिट्टी पर डामरीकरण किया जा रहा है। सड़क निर्माण में इस कदर अनियमितता बरती जा रही है कि सड़क चंद सालों में उखड़ जायेगी। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की जांच की मांग जिला कलेक्टर से की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में लापरवाही की जांच और दोषियों पर कार्रवाही नहीं हुई तो ग्रामीण मिलकर इसका विरोध करेगे।
इनका कहना है
स्टेट क्वालिटी मानीटरों का विजिट चल रहा है। हमारा अमला भी निरंतर जांच करता है। ग्रामीणों का आरोप है तो मैं तत्काल चौधरी साहब को भेजकर जांच करवाता हूं। गुणवत्ता की जांच किये बगैर ठेकेदारों का पेमेंट नहीं होता।
एलएन राय, महाप्रबंधक, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, बैतूल
