सनाढ्य ब्राह्मण सभा का भुजरिया मिलन समारोह संपन्न, गेहूं की गुणवत्ता परखने का प्रतीक है यह पर्व I
इटारसी। सनातन संस्कृति में त्यौहार केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और कृषि परंपराओं से भी गहराई से जुड़े हैं। इसी भावना के साथ सनातन समाज द्वारा भुजरिया मिलन समारोह का आयोजन श्री शंकर मंदिर, इंगल चाल स्थित सत्संग सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पं. जी.पी. दीक्षित ने की। समारोह को संबोधित करते हुए पं. दीक्षित ने कहा कि भुजरिया पर्व का कृषि क्षेत्र में अत्यंत अमूल्य महत्व रहा है। प्राचीन काल से ही भुजरियों के विकास और वृद्धि को देखकर किसान यह परखते थे कि खेत में बोया जाने वाला गेहूं किस गुणवत्ता का है और उसे बोना उचित रहेगा या नहीं।
वहीं, मुकेश पाराशर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पर्व समाज में व्याप्त आपसी वैमनस्यता और बैर-भाव को भुलाकर सभी को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देता है।
संबोधन के पश्चात उपस्थित सदस्यों ने एक-दूसरे को भुजरियां भेंट कीं और गले मिलकर पर्व की सहर्ष शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का सफल संचालन राजकुमार दुबे द्वारा किया गया, जबकि घनश्याम शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सुधीर दुबे, अनिरुद्ध चंसौरिया, महेंद्र पचौरी, घनश्याम शर्मा, चंद्रकांत शर्मा, शिवनारायण बुधौलिया, मुकेश पाराशर, जुगल किशोर शर्मा, विनोद शर्मा और राजेश तिवारी सहित समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
पत्रकार कुणाल पासवान
(इटारसी)

