नर्मदापुरम /प्रदीप गुप्ता/सिवनी मालवा के विधानसभा क्षेत्र और किसानों के लिये हरित क्रांति लाने वाले तवानगर में इन दिनों संगीत मय शिव महापुराण कथा में क्षेत्र की सैकड़ो धर्म प्रेमी जनता शिव कथा का अमृत पान कर रही है। आप को बता दे की इन दिनो तवा नगर में दादा जी दरबार मे कथा वाचक पंडित सौरभ दुबे के मुखार बिंद से शिव पुराण कथा का रस पान करवा रहे है। कथा के प्रथम दिन नगर के शिव मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई। व्यास गादी से कथा को विस्तार देते हुए पंडित सौरव दुबे ने बताया की भगवान भूत नाथ भोले शंकर ऐसे महादानी औघड़ नाथ है कि वो सब पर कृपा करते है।
उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र की महिमा बताते हुआ कहा कि किस प्रकार से मार्कण्डेय रिषी की बाल रूप में मात्र उनकी जीवन लीला 12 वर्ष की थी। जब 12 वर्ष पूर्ण होने पर यम राज उनके प्राण हरने आये तव मार्कण्डेय ऋषि भगवान शंकर की आराधना करते हुए महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण करते हुए शंकर जी की उपासना में लीन हो गए। यमराज उनके प्राण हरने पर उतारू थे। उसी समय भगवान शंकर प्रगट हुए और मार्कण्डेय ऋषि को जीवनदान दिया। भगवान शंकर की उपासना से मनुष्यों के जीवन में धन, रूप, योवन, सुख शान्ति सपन्नता की प्रप्ति होती है। शिवलिंग की कथा को विस्तार से बताया कि किस प्रकार से शिव लिंग की उत्पत्ति हुई और उनकी पूजा करने का विधि विधान बताया।
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