
नर्मदापुरम / प्रदीप गुप्ता / म.प्र. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नई शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन म.प्र. के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में लागू की जा चुकी है। म.प्र. इस दिशा में पहल करने वाला पहला राज्य है। दिनांक 27.02.2023 को मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम के संयोजन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं म.प्र. राज्य युवा नीति के संदर्भ में संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें यह जानकारी विद्वान वक्ताओं ने प्रदान की। इस कार्यशाला में विधार्थियों से सीधे संवाद हेतु मुख्य अतिथि डॉ. मोहन यादव उच्च शिक्षा मंत्री म. प्र. शासन एवं तकनीकी सत्र में नवीन शिक्षा नीति पर विचार विमर्श करने हेतु डॉ. धीरेंद्र शुक्ला, कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग भोपाल, डॉ. दिवा मिश्र नोडल अधिकारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल, डॉ. एस के दुबे सदस्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्यालय अधिकारी उच्च शिक्षा विभाग भोपाल, डॉ. सीता सरन शर्मा विधायक नर्मदापुरम, ठा. विजयपाल सिंह विधायक सोहागपुर, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, जनभागीदारी अध्यक्ष श्रीमती संध्या थापक, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव एवं विभिन्न महाविद्यालयों के जनभागीदारी अध्यक्ष उपस्थित रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन ने जानकारी दी कि उक्त कार्यक्रम के आयोजन हेतु शासकीय नर्मदा महाविद्यालय नर्मदापुरम के सभागार को चुना गया। डॉ. जैन ने बताया कि कार्यशाला 3 सत्रों में आयोजित की गई। कार्यशाला के प्रथम सत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन एवं चुनौतियां विषय पर विचार रखते हुए डॉ. धीरेंद्र शुक्ला ने कहा- 100 प्रतिशत राष्ट्रीय शिक्षा नीति मध्यप्रदेश में लागू की गयी है। डॉ. शुक्ला ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विशेषताओं को इंगित करते हुए कहा की यह चॉइस बेस क्रेडिट सिस्टम, बहुविषयक द्रष्टिकोण शोध को प्रोत्साहन प्रदान करने वाली पद्धति है, इसमें एन सी सी, एन एस एस एवं शरीरिक शिक्षा को सम्मिलित किया गया है। क्रेडिट आधारित शिक्षा पद्धति विधार्थियों का चहुंमुखी विकास, नैतिक गुणवत्ता एवं व्यवहारिक व्यवसायिक शिक्षा को महत्व प्रदान करने वाली नीति है। इस नीति में बहुआगमन एवं निर्गमन व्यवस्था है। डॉ. दिवा मिश्र ने ऑनलाइन एवं डिजिटल लर्निंग विषय को तकनीकी दृष्टि से आज की आवश्यकता बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रत्येक बिंदु विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करता है। डॉ. मिश्र ने बताया कि स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध सामग्री की जानकारी साझा कर नवीन पाठ्यक्रम हेतु विधार्थियों को प्रोत्साहित किया। डॉ. एस के दुबे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परीक्षा पद्धति एवं मूल्यांकन के वैचारिक ढांचे को स्पष्ट करते हुए बताया कि नवीन पाठ्यक्रम संरचना मे आत्मनिर्भर विषयों को सम्मिलित किया गया एवं बहुविषयक शिक्षा को महत्व दिया गया है। कार्यशाला के अगले सत्र में युवा नीति निर्देशन एवं विधार्थियों से युवा नीति पर संवाद हेतु मुख्य अतिथि डॉ. मोहन यादव उच्च शिक्षा मंत्री मध्यप्रदेश शासन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की उनके आगमन के अवसर पर छात्राओं द्वारा आदिवासी नृत्य प्रस्तृत किया गया। मॉ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन में डॉ. मथुरा प्रसाद अतिरिक्त संचालक नर्मदपुराम ने कहा कि महाविद्यालयों का चहुंमुखी विकास हुआ है। वह युवाओं के विकास मे अतिमहत्वपूर्ण होगा। इसके पश्चात् उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई। पुस्तक नई शिक्षा नई उड़ान तथा ई-शिक्षा पोर्टल का लोर्कापण किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट विद्यार्थियों, खिलाडियों तथा एनसीसी एवं एनएसएस में अपनी विषिष्ट प्रतिभा प्रदर्षित करने वाले छात्र – छात्राओं को सम्मानित किया गया। म.प्र हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित पाठ्य पुस्तकों का लेखन करने वाले नर्मदापुरम नगर के प्राध्यापकों डॉ. पुष्पा दुबे, डॉ. के जी मिश्र एवं डॉ. आशीष गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथि डॉ. सीता सरन शर्मा विधायक नर्मदपुराम ने शिक्षा मंत्री को शिक्षा के सर्वत्र रूप का साक्षी बताते हुए बधाई दी एवं नई शिक्षा नीति का आधार स्तंभ कहा। हमें नवीन आयामों के साथ आगे बढ़ना होगा युवाओं के लिए प्रत्येक क्षण सीखने के लिए होता है, हमें अपनी क्षमताओं को विस्तार देना होगा। मुख्य अतिथि डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं म प्र राज्य युवा नीति पर संवाद करते हुए कहा कि नवीन शिक्षा पद्धति मे तीन पीढी साथ अध्ययन कर सकती है। इस प्रणाली मे उम्र की बाध्यता को हटा दिया गया है एवं दो पाठ्यक्रम मे साथ अध्ययन की भी सुविधा प्रदान की जायेगी। नवीन शिक्षा पद्धति मे शहीद, समाज के आधार स्तंभ एवं मार्गदर्शन प्रदान करने वाले प्रेरणास्पद् व्यक्तित्व को सम्मिलित किया जा रहा है। युवा भारत के युवाओं मे हर परिवर्तन को करने का सामर्थ्य होता है। हमें नवीन आयामो के साथ आगे बढ़ना होगा, हम नूतन से नूतन चीजों को अपनाएं किंतु अपनी मौलिकता एवं आधार से जुड़े रहें, जड़ों से जुड़ाव के साथ-साथ हमें समृद्ध राष्ट्र का उत्तरोत्तर विकास करना है। युवा संवाद में संजय यादव, कुष्र अग्रवाल, अंशिका गुप्ता, पूजा गोस्वामी, प्रेमलता सैनी, भारती विश्वकर्मा, रागिनी राजपूत, कृतिक शिवहरे ने अपने सुझाव के माध्यम से युवा नीति के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. हंसा व्यास ने किया एवं आभार डॉ. ओ. एन. चौबे ने किया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानभाव व्यक्त किया। इस कार्यशाला में 1000 से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन किया गया। कार्यशाला का सभी शासकीय, अषासकीय महाविद्यालयों में सीधा प्रसारण किया गया।

