नर्मदापुरम/ प्रदीप गुप्ता / पूजा विनीत ताँबे ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी बहनों को प्रणाम कर बताया कि सब जानते हैं कि 28 फरवरी 1909 पहली बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था। महिला दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है कि शुरू से ही महिलाओं को अपनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है उन्हें हमेशा अनदेखा किया जाता है। कुछ प्रथाएं तो महिलाओं के मूलभूत अधिकारों का हनन करती है। भारत में कुछ हद तक महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन आया है, फिर भी महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है। उनकी स्थिति में कोई विशेष परिवर्तन नहीं महिलाओं को अपनी इच्छा मारकर जीना पड़ता है। आज भी हमारा देश पुरुष प्रधान है 1 दिन महिला दिवस मना लेने से कोई परिवर्तन नहीं आएगा। इस महिला दिवस पर हम सब बहने संकल्प ले की हम सब महिलाओं का हमारा अधिकार और सम्मान प्राप्त हो।

