इटारसी: भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर छह दशक की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महावीर चौक नीमवाड़े में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन देर रात तक चला। पांच कवियों ने वीर, श्रंगार और हास्य रस बरसाया। उन्होंने यह सीख दी – धर्म सब एक है तो हम क्यों अनेक बने, संग-संग मीरा व कबीर लिख दीजिए, जियो ओर जीने दो की भावना अमर रहे नभ पे धरा पे महावीर लिख दीजिए। कवियों ने परंपरा और रिश्तों पर भी कविता पढ़ी। एसी की ठंडक न दे बूढ़े बरगद की छांव तो दे दे, कांक्रीटों का जंगल न दे बचपन वाला गांव तो दे दे। सरस्वती व महावीर वंदना से कवि सम्मेलन शुरू हुआ। ओरछा के कवि सुमित मिश्रा ने आध्यात्म और वीर रस की कविताएं सुनाएं। लखनऊ से आए वीर रस के कवि कमल आग्नेय ने अपनी वाणी से ओज बरसाया।दिल्ली की मोनिका देहलवी ने अपनी रचनाओं में प्रेम, विरह व श्रंगार रस बरसाया। इंडियन लॉफ्टर चैंपियन के फाइनलिस्ट उज्जैन से आए हास्य कवि हिमांशु बवंडर ने जबरदस्त कॉमेडी की। दिल्ली से आए इंदौरी चेतन चर्चित छोटा पैकेट बड़ा धमाल की तरह मंच पर आए। पहले तो दिल का हाल सुनाया। पाकिस्तान की चौपट अर्थव्यवस्था पर तंज कसा।
दीप प्रज्वलन के बाद प्रतिभा सम्मान :
मंच पर महावीर जैन समिति के अध्यक्ष संजय जैन, पार्श्वनाथ मंदिर के अध्यक्ष पीयूष जैन, आदिनाथ मंदिर के अध्यक्ष एड. दीपक जैन, शांतिनाथ मंदिर के अध्यक्ष अरुण गोयल, तारण तरण दिगंबर जैन चैत्यालय के अध्यक्ष अतुल जैन, वासुपूज्य श्वेतांबर जैन मंदिर के अध्यक्ष राजकुमार संचेती व महावीर जन्म कल्याणक समिति अध्यक्ष नीलेश जैन ने नपाध्यक्ष पंकज चौरे के साथ भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किए। समिति के उपाध्यक्ष प्रकाश मोदी, मीतेश जैन, सचिव धर्मेश सिंघवी, कोषाध्यक्ष विकास जैन उपस्थित थे। मंच पर समिति प्रवक्ता शैलेष जैन को राज्य स्तरीय बाल अधिकार अवार्ड मिलने पर शाल और श्रीफल से सम्मानित किया गया। एड. अरविंद गोयल के संयोजन में समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।

