
बबलू निरापुरे आमला
आमला. साप्ताहिक बाजार में बाजार ठेकेदार की मनमानी चल रही है। बाजार में तय राशि से अधिक वसूली का आरोप दुकानदारों ने लगाया है। दुकानदारों का आरोप था कि बाजार ठेकेदार दुगुनी राशि वसूल रहा है। पहले दुकान लगाने के 30 रूपये टैक्स दिया जाता था, वहीं अब ठेकेदार के कर्मचारी 60 रूपये तक वसूल रहे। जिसके विरोध में शनिवार दुकानदारों ने व्यापारी राजेश मानकर के नेतृत्व में जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर अवैध वसूली का विरोध जताया। दरअसल वर्ष 2023-24 के लिए नगरपालिका ने साप्ताहिक बाजार एवं दैनिक गुजरी वसूली का ठेका केके कंस्टक्शन कंपनी गोविंद कालोनी आमला को दिया है। ठेकेदार द्वारा ठेका लेने के बाद दुकानदारों से मनमाना टैक्स वसूला जा रहा। दुकानदार योगेश दाठे, शैलेन्द्र, मनोहरलाल अमझरे, लखन उइके ने बताया कि ठेकेदार के कर्मचारी मनमुताबिक राशि नहीं पर दुकानदारों से अभद्रता करते है। इसी बात को लेकर बाजार में वाद-विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। व्यापारियों ने नगरपालिका सीएमओ से अवैध वसूली पर रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाही की मांग की, ताकि व्यापारी निर्भिक होकर साप्ताहिक बाजार में दुकान लगाकर व्यवसाय कर सके।

प्रति सप्ताह लगते है दो बाजार …………..
शहर में सप्ताह के शनिवार-बुधवार सब्जी बाजार और प्रतिदिन गुजरी बाजार संचालित होती है। प्रत्येक शनिवार और बुधवार को लगने वाले हाट बाजार में सब्जी, कपड़ा, जूता-चप्पल, मसाला, सहित घरेलू उपयोग की कई वस्तुओं की दुकानें लगती है। इसके अलावा किसान भी सब्जियां लेकर पहुंचते है। बाजार में दुकानें लगाने वालों से बाजार ठेकेदार द्वारा बैठक शुल्क वसूला जाता है। इसके लिए स्थान के हिसाब से राशि भी तय है, किन्तु ठेकेदार के कर्मचारी तय राशि से अधिक वसूल रहे। अवैध वसूली को लेकर बाजार में सब्जी बेचने वाले किसानों ने विरोध शुरू कर दिया।

धड़ल्ले से वसूली, जिम्मेदार बेखबर …………….
नगर पालिका के साप्ताहिक सब्जी बाजार में वसूली हो रही है, जबकि नपा के अधिकारी इससे बेखबर हैं। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सब्जी विक्रेताओं से बोझा, पसरा के अनुसार राशि वसूली जा रही है। इसके चलते सब्जी की कीमतों में भी कमी नहीं आ रही है। जिसके पीछे दुकानदारों को बैठक शुल्क के रूप में दोगुनी राशि देना पड़ रहा है, मगर इस ओर नगर पालिका व प्रशासन किसी का ध्यान नहीं है। यहीं वजह है कि ग्राहकों को भी इसका खामियाजा महंगी सब्जियां खरीदकर चुकाना पड़ रहा है।

सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं …………..
बाजार क्षेत्र में दुकान लगाने के एवज में दुकानदारों से बैठक शुल्क तो लिया जाता है, लेकिन व्यापारियों को सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। बाजार में न तो शुद्ध पेयजल है और न ही साफ-सफाई, लाईट या पार्किंग व्यवस्था है। जिससे व्यापारियों और दूरदराज से आने वाले किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं व्यापारियों की शिकायतों पर भी नपा ध्यान नहीं देती है। नपा प्रशासन की उदासीनता का फायदा ठेकेदार उठा रहा है और सब्जी विक्रेता ठगे जा रहे हैं।
इनका कहना है –
मुझे जानकारी नहीं है। मैं अभी तत्काल बाजार स्थल पहुंचकर जानकारी लेता हूं।
राजेन्द्र अतुलकर, प्रभारी राजस्व निरीक्षक
नगरपालिका आमला।
