विधानसभा चुनाव में कौन होगा भाजपा कांग्रेस गोंडवाना का सम्भावित उमीदवार

आमला. आमला सारणी विधानसभा के चुनाव आते ही राजनीतिक पार्टियां सक्रिय हो गई है। आमाला में भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों में कड़ी टक्कर होने की सम्भवना जताई जा रही है। राजनीतिक पार्टियों के सक्रिय होने के साथ मतदाताओं की निगाहें चुनाव पर टिकी है। अभी से लोग हार जीत का आकलन करने लगे है। भाजपा ओर कांग्रेस ने आमला में उम्मीदवारो की घोषणा अभी नही की है। कांग्रेस ने अभी तक एक भी विधानसभा में उम्मीदवार की घोषणा नही की है। वही गोंडवाना ओर जयस,आम आदमी पार्टी ने भी अभी तक अपने-अपने उमीदवार की अधिकृत घोषणा नही की है। भाजपा कांग्रेस और अन्य दल भी अचार सहिंता के पहले उमीदवारो के नामो की घोषणा करेगी परन्तु मतदाताओं में फिलाल असमंजस की स्थिति,बनी हुई है।वही जागरूक युवाओं का कहना है कि बाहरी ओर पैराशूट उमीदवार आमला विधानसभा के लिए बिल्कुल नही चलेगा वही कांग्रेस पार्टी में बाहरी उमीदवार को लेकर संघठन में नाराजगी देखी जा रही है अगर पैराशूट उमीदवार को टिकिट मिलती है तो कांग्रेस को फिर से इस विधानसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राजनीतिक जानकर लगा रहे हार जीत का गणित
हमारे प्रतिनिधि ने बहुत से जानकार लोगों से चुनाव के सम्बंध में आमला विधानसभा से फिटबेक लिया है। आमला विधानसभा से संभावित उम्मीदवार भाजपा से डॉ योगेश पन्डग्रे और कांग्रेस से मनोज मालवे,सीमा अतुलकर, के बीच टक्कर होती है तो क्या होगा? कई जानकार और राजनीतिक के जानकरो की राय है कि किन ही दोनों उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरते है तो के बीच काटे की टक्कर है। बहुत कम वोटों से हारजीत होगी। लेकिन ज्यादातर महिलाओं का मानना है कि कांग्रेस से सीमा अतुलकर को आमला सारणी विधानसभा का उमीदवार बनाया जाए ।
आमला विधानसभा में क्या होगा?
जानकारों का मानना है कि आमला विधानसभा में संभावित उम्मीदवार भाजपा से डॉ योगेश पंडागरे और कांग्रेस से मनोज मालवे या सीमा अतुलकर की टक्कर होती है तो डॉ योगेश पंडागरे के जितने की अधिक संभावना बनी है।
आमला विधानसभा क्षेत्र की स्थिति
आमला से भाजपा ने विधायक योगेश पन्डग्रे को अपना उम्मीदवार बनाया जाता है और कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार मनोज मालवे या सीमा अतुलकर के बीच टक्कर होती है तो यहाँ भी कड़ी टक्कर होने के साथ- साथ पन्डग्रे के जितने की भी संभावना बनी है। भाजपा यहां उम्मीदवार बदलती है तो कांग्रेस को संजीवनी मिल सकती है।
