सीसी सडक़ निर्माण में मापदंड दरकिनार, उपयंत्री दे रहे तुलकबाजी बयान

उपयंत्री ने कहा: जिसे चाहे ऊपर तक शिकायत कर दो, कोई फर्क नहीं पड़ता
आमला. सीमेंट कांक्रीट रोड निर्माण में जरूरी मापदंडों को दरकिनार किया जा रहा है। इंजीनियरिंग मैनुअल में इसके माप तय हैं, लेकिन वर्तमान समय पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों में इनकी खुली अवहेलना की जा रही है। एक मामला रमली पंचायत का सामने आया है, जहां 3 लाख की लागत से 100 मीटर सीसी सडक़ का निर्माण किया जा रहा है। इस सडक़ बड़े-बड़े बोल्डरनुमा गिट्टी का इस्तेमाल हो रहा है। बेस बनाये बिना ही सडक़ बनाई जा रही है। इसकी जानकारी जनपद पंचायत के उपयंत्री को भी है, लेकिन उपयंत्री कार्रवाही करने के बजाये तुलकबाजी बयान दे रहे है कि कोई भी शिकायत कर दे, उपर तक, कोई फर्क नही पड़ता है। इससे स्पष्ट है कि पंचायतों में हो रहे निम्न स्तर के कार्यो में जिम्मेदारों का पूरा-पूरा सहयोग मिल रहा है। पूर्व सरपंच दिनेश बारस्कर ने बताया कि सडक़ का निर्माण महज चार इंच मोटाई में ही किया जा रहा है, जबकि तय माप इसका 8 इंच निर्धारित है। इसके अलावा मिट्टी मिली रेत और काली डस्ट का इस्तेमाल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा गुणवत्ताविहिन सडक़ बनाई जा रही है, जिससे यह सडक़ चंद महीनों में ही उखड़ जायेगी।
सडक़ निर्माण के पहले नहीं बिछाई पॉलीथिन ……………

सीमेंट कांक्रीट सडक़ निर्माण मेें जमीन के नीचे पॉलीथिन बिछाने की अनिवार्यता है, लेकिन यहां बन रही सीमेंट कांक्रीट सडक़ निर्माण के पहले पॉलीथिन का उपयोग नहीं किया गया है। पॉलीथिन की अनिवार्यता इसलिए रखी गई है ताकि पानी पॉलीथिन पर बना रहे, उसे जमीन न सोख पाए, जिससे मसाले की गुणवत्ता बनी रहे। पंचायत द्वारा इस बिंदु को भी नजरअंदाज किया गया है। सीसी रोड निर्माण कार्य में पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। वहीं माप पुस्तिका के अनुसार निर्धारित मटेरियल का उपयोग नहीं किए जा रहे हैं। रेत, गिट्टी का मसाला तय माप अनुसार ग्राइंडर में न डालकर दुगना डाला जाता है। जिससे सीमेंट की क्षमता आधी बचती है।

एक बारिश में ही खराब हो जायेगी सडक़ …………..
पूर्व सरपंच दिनेश बारस्कर का आरोप है कि रोड निर्माण में घटिया किस्म की रेत और गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। बेस भी नहीं बनाया गया है व 3 इंच मटेरियल ही बिछाया जा रहा है। इससे रोड पहली बारिश में ही खराब हो जायेगी। जानकारों के मुताबिक सीसी रोड बनाने के लिए पहले 4 इंच बेस तैयार किया जाना था। इसके ऊपर 4 इंच मोटाई का सीमेंट कांक्रीट रोड बनना था। ताकि रोड गुणवत्तापूर्ण बने और लंबे समय तक लोगों को सुविधा मिल सके लेकिन बिना बेस के ही तीन इंच मोटाई का स्लैब बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बेस नहीं बनने से रोड की मजबूती नहीं बन पाई है। ग्रामीणों ने गुणवत्ताविहीन रोड बनाने की शिकायत की है।
इनका कहना है…………………..
रेलवे ओर पीडब्ल्यूडी विभाग में सभी काम एमसेंड से ही किए जा रहे है शतप्रतिशत एमसेंड डालने का हमारे पास एप्रूवल है आपको ज्यादा परेशानी हो रही है तो जिसने एमसेंड की क्रेशर खोली है आप उनसे बात करो ।
राजेन्द्र पटेल इंजीनियर जनपद पंचायत आमला
