बहनों ने भाईयों की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र भाइयों ने दिया बहनों को उपहार
आमला.भद्राकाल की वजह से कई लोगों ने दूसरे दिन यानि भुजरिया पर्व पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। बहनो ने भाईयों को राखी बांधी। वहीं कुछ बहनों ने भद्राकाल के बाद रात्रि में रक्षाबंधन का पर्व मनाया। हालांकि रक्षाबंधन को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह बच्चों में नजर आया। बच्चे सुबह से ही नये-नये कपड़े पहनकर अपनी बहनों से राखी बंधवान के लिए उत्सुक दिखाई दिये। बहनों ने शुभ मुहूर्त पर भाईयों की कलाई पर राखी बांधी। सबसे पहले भाईयों को कुमकुम, रोली (चंदन) का तिलक लगाया और आरती उतारी. जिसके बाद भाईयों के हाथो में रक्षासूत्र बांधकर मिठाई खिलाई। भाईयों ने अपनी बहनों को उपहार भेंट किए। यूं तो रक्षाबंधन पर्व को लेकर बहनों ने काफी समय पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। बहनों ने राखी, मिठाई और कपड़ों की खरीदी की। जबकि भाईयों ने अपनी बहनों के लिए अच्छे से अच्छा तोहफा खरीदा ओर रक्षा सूत्र बाँधवाकर बहनों को उपहार दिया ।
्बच्चों में दिखा उत्साह ………………
रक्षाबंधन पर्व को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह और खुशी का माहौल बच्चों में नजर आया। बच्चों ने अपने हाथों की राखी अपने दोस्तों को दिखाई। सबसे ज्यादा कार्टून वाली राखी बच्चों के बीच लोकप्रिय रही। बच्चे के चेहरे पर पर्व को लेकर सुबह से ही खुशी का माहौल था। बच्चे नये-नये कपड़े पहनकर राखी बांधने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। बहनों ने अपने छोटे भाईयों की कलाई पर उनकी मनपसंद राखी बांधी तो भाईयों ने भी बहनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
मौसम रहा बेहरबान …………………
गुरूवार को मौसम भी मेहरबान रहा। दिनभर बारिश नहीं हुई। जिससे सडक़ों पर चहल-पहल का नजारा छाया रहा। बाजारों में भी खरीदी के लिए ग्राहक बने रहे। लोगों ने जमकर खरीदी की। खासकर साडिय़ों की दुकानों में कपड़े की खरीदी पर जोर रहा। भाईयों ने अपनी बहनों के लिए बेहतर से बेहतर तोहफे खरीदे और रक्षाबंधन पर प्यार स्वरूप भेंट किए।
