आचार संहिता लगते ही चौक-चौराहों से हटाये राजनीतिक बैनर-पोस्टर जनपद में हो रहा उल्लंघन

सरकारी विभागों में लगे रहे बैनर-पोस्टर
आमला। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। इसके साथ ही सरकारी भवनों, सरकारी संपत्तियों पर लगे जनप्रतिनिधियों, उम्मीदवारों और सरकारी योजना के प्रचार प्रसार वाले बैनर, पोस्टर तथा संदेशों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आचार संहिता लगते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे राजनीतिक बैनर-पोस्टर हटाने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन शासकीय कार्यालय में लगे बैनर-पोस्टर को सोमवार शाम तक भी नहीं हटाया गया था। जनपद पंचायत में मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री की फोटो लगा, जिस पर योजनाएं अंकित थी, कार्यालय में रखा हुआ था, वहीं जनपद पंचायत की दीवार पर लाडली बहना योजना का लेखन भी जस का तस अंकित था। हालांकि आचार संहित लगते ही एसडीएम, तहसीलदार और नगरपालिका अमले ने शहर में लगे राजनीतिक पोस्टर-बैनरों को हटाने का काम शुरू कर दिया था। लेकिन शासकीय कार्यालयों और विभागों की दीवारों पर योजनाओं के लेखन को मिटाने की कार्रवाही शुरू नहीं की गई थी। जिसके कारण लोगों को यह भी कहते सुना गया कि पहले अपने विभागों में लगे बैनर-पोस्टर हटाने चाहिए थे, लेकिन विभाग शहर के बैनर-पोस्टर हटाने में लगा हुआ है।
नहीं होंगे शिलान्यास व उद्घाटन ………….
आचार संहिता लागू होने के साथ ही अब सरकारी कार्यक्रमों में शिलान्यास व उद्घाटन नहीं होंगे। इसके लिए प्रशासन ने भी निगरानी शुरू कर दी है। नई सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं हो सकेंगी। सरकारी योजनाओं के बैनर, पोस्टर्स, सरकारी वेबसाइट से मुख्यमंत्री, मंत्रियों व अन्य राजनेताओं के पोस्टर हटाए जाएंगे। किसी भी प्रोजेक्ट का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं हो सकेगा। हालांकि जो सरकारी योजना शुरू हो चुकी हैं, उनका लाभ मिलता रहेगा। सरकार कोई तबादला नहीं कर पाएगी, लेकिन चुनाव आयोग अफसरों के ट्रांसफर कर सकेगा। सरकारी दफ्तर में जनता से जुडे सामान्य काम पहले जैसे ही चलते रहेंगे।
प्रशासनिक तंत्र हुआ एक्टिव …………
आचार संहिता लगते ही प्रशासनिक तंत्र एक्टिव हो गया है। एसडीएम, तहसीलदार ने आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराये जाने की योजना बना ली है। आचार संहिता लगते ही जनपद चौक सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक से संबंधित लगे बैनर-पोस्टर हटाने का काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण हो सके, इसकी तैयारियां पूर्ण कर ली है। प्रशिक्षण देने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और मतदान केन्द्र सहित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जा चुका है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव होगे।
इनका कहना है –
सरकारी विभागों में अगले 24 घंटे के भीतर बैनर पोस्टर हटा दिये जायेगे। ओर राजनीतिक लेखन को भी मिटाया जाएगा
– शैलेन्द्र बडोनिया, एसडीएम, आमला
