स्वच्छ भारत मिशन गाव से गयाब प्रधानमंत्री की मंशा पर फिर रहा पानी,अंधारिया पंचायत की लापरवाही से जगह-जगह लगे कचरे के ढेर

आमला.ब्लाक मुख्यालय से महज 7 किमी दूर ग्राम पंचायत अंधारिया में स्वच्छता अभियान को नजर अंदाज किया जा रहा है। यह हालात उस वक्त है जब इस पंचायत के कर्ताधर्ता भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेन्द्र गड़ेकर है। इनके रहते हुए गाव में गन्दगी का अम्बार लगा हुआ है प्रधानमंत्री के अभियान पर कोई ध्यान नही दे रहे है । इस गांव की खासियत यह है कि गांव के हर घर का बेटा देश सेवा में है। कोई आर्मी, कोई बीएसएफ सहित अन्य क्षेत्रों में पदस्थ रहकर देशसेवा कर रहा है, तो वहीं उनके परिजन पंचायत की अनदेखी से गंदगी भरे माहौल में रहने को मजबूर है। यहीं वजह है कि स्वच्छता मिशन के प्रति लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे है। नापेड के गड्ढों में कचरा ऊपर तक भरा हुआ है। कचरे को लेकर उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से ग्रामीण ग्राम की सडक़ सहित अन्य आम रास्तों पर गोबर और कचरा फेंक देते है। जिससे इन रास्तों से निकलने में लोगों को समस्या होती है। सडक़ों के किनारे कई दिनों तक कचरा पड़ा रहता है। महीनों से कचरा नहीं उठने से गंदगी का ढेर लगता जा रहा है। जिससे गांव में दुर्गंध फैल रही है। लेकिन पंचायत द्वारा कचरा तक नहीं उठाया जाता और न ही गांवों में सफाई कराई जाती है। जिससे ग्रामीणों को मजबूरीवश गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है।
सडक़ किनारे लगा कचरे का अंबार …………….

अंधारिया में जहां-तहां कचरे का ढेर लगा हुआ है। सफाई भी समय-समय पर नहीं कराई जाती है। जिससे सडक़ किनारे ही नहीं, बल्कि गांवों की गलियों में भी कचरे का अंबार लगा रहता है। ग्रामीण का कहना है कि स्वच्छता को लेकर शासन, प्रशासन दावे तो करते है, लेकिन इनके नुमाईदें स्वच्छता अभियान को सकार करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। ग्राम से निकलने वाले कूड़ा कचरा के निष्पादन के लिए उचित व्यवस्थाएं नहीं है और ग्राम में गंदगी फैल रही है। जिससे यहीं कहा जा सकता है कि पंचायतों में स्वच्छता अभियान भगवान भरोसे ही चल रहा है और ग्रामीण गंदगी के कारण परेशान है।
पनप रहे मच्छर, बीमारी फैलने की आशंका ………….
गांवों में गंदगी पसरी होने के कारण मच्छर पनप रहे हैं और हमेशा संक्रमित बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। सफाई नहीं होने के कारण लोगों को कचरे और दुर्गंध के बीच से होकर निकलना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है। क्योंकि कचरे में पानी भर जाने से दुर्गंध आती रहती है। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव से नियमित रूप से साफ-सफाई कराए जाने की मांग की है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जाता। गांवों में सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिक इसके लिए पंचायत को जिम्मेदार मानते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में हालात इस कदर खराब हैं कि हर सडक़ पर कचरे और गोबर का ढेर नजर आता है। इसके चलते लोगों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार की शिकायत, फिर भी नहीं हुई सफाई ……….
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में साफ-सफाई के लिए कई बार पंचायत से मांग की गई, लेकिन पंचायत द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। साफ-सफाई के मामले में अंधारिया पंचायत की स्थिति ज्यादा खराब है। जगह-जगह कचरा दिखाई देता है। जिन रास्तों से लोग निकलते हैं और वाहनों का आवागमन लगातार होता रहता है। ऐसे रास्तो केे किनारे भी कचरे के ढेर लगे हुए है। साफ-सफाई के मामले में पंचायत की स्थिति सालों से जस की तस बनी हुई है। जनपद के अधिकारी भी पंचायतों में सफाई व्यवस्था पर जोर नहीं दे रहे हैं। जिससे मनमर्जी का काम किया जा रहा है।
इनका कहना है –
ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर घुड़े बना दिए है। सरपंच-सचिव को स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए है। अगर साफ-सफाई नही की जा रही है तो कार्यवाही की जाएगी।
विमल बचले, ब्लाक समन्वयक, स्वछ भारत मिशन, जनपद पंचायत आमला।
जनपद के अधिकारियों को ग्राम अंधारिया भेजकर जांच कराई जाएगी साफ सफाई करने के निर्देश दिए जाएंगे
गणेश यादव अध्यक्ष जनपद पंचायत आमला
