जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन भी नही करते गंदगी फैलाने वाली पंचायतों पर कार्यवाही,गांव से गयाब हुआ स्वछ भारत मिशन

ससाबड़ पंचायत में जगह-जगह कचरे और गोबर के ढेर
आमला. स्वच्छता को लेकर शासन, प्रशासन दावे तो करते है, लेकिन इनके नुमाईदें स्वच्छता अभियान को सकार करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। यहीं वजह है कि ससाबड़ में पंचायत की लापरवाही और उदासीनता के कारण ग्रामीण गंदगी के बीच रह रहे है। ससाबड़ पंचायत में लगे कचरे के ढेर को देखकर तो यहीं कहा जा सकता है कि पंचायत में स्वच्छता अभियान भगवान भरोसे ही चल रहा है जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन भी गन्दगी फैलने वाली पंचायतों पर कार्यवाही भी नही करते है जिसके कारण ग्रामीणों को गंदगी व बदबू का सामना करना पड़ रहा है। सबसे खासबात यह है कि जिस जगह विकसित भारत संकल्प योजना कार्यक्रम हुआ, वहां भी गंदगी और गोबर के ढेर लगे हुए थे। अधिकारियों द्वारा गांव के निरीक्षण के वक्त भी इस पर ध्यान नहीं यिा जाता है। जिसके कारण लोगों को रास्तों से निकलने में समस्या होती है। सडक़ों पर दिनभर कचरा पड़ा रहता है। महीनों से कचरा नहीं उठने से गंदगी का ढेर लगता जा रहा है। गांव में दुर्गंध फैलती रहती है। गंदगी के कारण मच्छर पनपते हैं। जिससे ग्रामीणों को बीमारी की चपेट में आने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि महीनों तक कचरा उठाया तक नहीं जाता। धीरे-धीरे गांव में कचरे और गोबर का पहाड़ बनता जा रहा है। लेकिन पंचायत सफाई व्यवस्था पर जोर नहीं दे रही हैं।
सफाई व्यवस्था चौपट ………………….
ससाबड़ में जगह-जगह कचरा दिखाई देता है। जिन रास्तों से लोग निकलते हैं वहां भी कचरे और गोबर के ढेर लगे हुए है। ऐसे रास्तो के किनारे भी कचरे के ढेर लगे हुए है। साफ-सफाई के मामले में ग्राम की स्थिति सालों से जस की तस बनी हुई है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में नियमित रूप से सफाई नहीं कराए जाने से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में साफ-सफाई किये जाने की मांग कई बार पंचायत से की गई, लेकिन पंचायत द्वारा सफाई को लेकर कोई योजना नहीं बनाई जा रही है। जबकि स्थिति यह है कि गंदगी और बदबू से ग्रामीण परेशान है।
बदबू और मच्छरों से परेशान ग्रामीण ………………..
गांवों में गंदगी पसरी होने के कारण मच्छर पनप रहे हैं और हमेशा संक्रमित बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। बरसात के मौसम में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है। क्योंकि कचरे में पानी भर जाने से दुर्गंध आती रहती है। गांवों में सफाई नहीं होने को लेकर नागरिक पंचायत को जिम्मेदार मानते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों की गलियों में हालात इस कदर खराब हैं कि जगह-जगह कचरे के ढेर पड़े है। कचरे में पानी भर जाने से दुर्गंध आती रहती है। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव से नियमित साफ-सफाई कराए जाने की मांग की है।
इनका कहना है
ग्राम पंचायत ससाबड के सरपंच-सचिव को साफ सफाई रखने के निर्देश दिए है। पंचायतों में साफ-सफाई करने के लिए कर्मचारी रखने के लिए मद नही है। वैसे पंचायत के आय की राशि से साफ-सफाई कराई जा सकती है।
विमल बचले, ब्लाक समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन, जनपद पंचायत आमला
