सीईओ साहब जनपद पंचायत के शौचालय तक कि नही होती साफ सफाई पंचायत में कैसे होगी बड़ा प्रशन……

जनपद पंचायत के शौचालय में गंदगी, बदबू से कर्मचारी-ग्रामीण परेशान
आमला. गांव-गांव में स्वच्छता अभियान और खुले में गांवों को शौचमुक्त करने के लिए जनपद पंचायत जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन इस अभियान की खुद जनपद कार्यालय में धज्जियां उड़ रही है। जनपद कार्यालय का शौचालय गंदगी से सराबोर है यह एक बड़ा प्रशन है लेकिन जनपद सीईओ का भी इस ओर कोई ध्यान नही है गंदगी के कारण जनपद में पदस्थ कर्मचारी और ग्रामीण इसका उपयोग नहीं करते है। कर्मचारियों का कहना है कि शौचालय में गंदगी रहती है। इसकी नियमित साफ-सफाई नहीं होती। गंदगी के कारण दुर्गंध उठती है। जिससे लोगों के लिए शौचालय के आसपास खड़ा होना व सांस लेना मुश्किल हो रहा है। शौचालय में साफ-सफाई नहीं होने से बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। हालात यह है कि गंदगी के कारण जनपद में कार्यरत कर्मचारी तो दूर, दूरदराज से आने वाले ग्रामीण भी शौचालय में कदम रखना पसंद नहीं करते हैं। गौरतलब रहे कि जनपद कार्यालय के अंतर्गत 68 ग्राम पंचायते आती है। जिससे यहां 30-35 कर्मचारियों के अलावा हमेशा पंचायत सरपंच-सचिवों, रोजगार सहायकों और ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में लघुशंका या शौचालय के लिए कर्मचारियों के अलावा ग्रामीणों को खुले स्थान का इस्तेमाल करना पड़ता है।
शौचालय में पान-गुटके की पीक ………….
शौचालय में पान-गुटके की पीक से गंदगी और भी ज्यादा नजर आती है, वहीं फ्लोर की टाइल्स भी लाल और काली हो चुकी है। ऐसे में यहीं कहा जा रहा है कि स्वच्छ भारत अभियान को साकार करने जिन हाथों में बागडोर है,वहीं अधिकारी अपने कार्यालय में साफ-सफाई नहीं रख पा रहे। कर्मचारियों ने बताया कि कई लोग शौचालय का उपयोग करने के बाद फ्लस (पानी) नहीं करते। सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से साफ-सफाई करने नहीं आते है। जिससे दुर्गंध उठती है और सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।वही ग्रामीण सहित पंचायत सचिव भी जनपद के बने शौचालय का उपयोग नही कर पा रहे है।
खुले मैदान का लेते है सहारा ………………………..
शौचालय में गंदगी के कारण कर्मचारी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग मजबूरी और जल्दबाजी में खुले मैदान का उपयोग करते है। जनपद पंचायत में रोज सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन पहुंचते हैं, लेकिन यहां गंदगी के कारण शौचालय तक का उपयोग नहीं कर पाते है। शौचालय में गंदगी होने से खासतौर से महिलाओं को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पुरूष लघुशंका के लिए खुले मैदान का उपयोग कर लेते है, लेकिन महिलाओं को शर्मसार होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जनपद के जिम्मेदार गांवों को खुले में शौच मुक्त बना रहे है, वहीं जनपद कार्यालय में ग्रामीणजनों की सुविधा के लिए शौचालय तक नहीं है।
दुर्गंध के कारण शौचालय के पास खड़े रहना मुश्किल …….
जनपद कार्यालय के शौचालय की हालत यह है कि यहां दुर्गंध के कारण लोग खड़ा रहना तक पसंद नहीं करते है। गंदगी और दुर्गंध के कारण भी लोग शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर रहे है। कर्मचारियों का आरोप है कि हप्ते में एक या दो बार ही सफाई कर्मचारी सफाई करते है, जिससे शौचालय में गंदगी फैली रहती है, जबकि जनपद पंचायत कार्यालय में रोजाना सैकड़ों लोग पहुंचते है। ऐसे में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना अतिआवश्यक है। कर्मचारियों के साथ-साथ ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय की रोजाना साफ-सफाई होना चाहिए था, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इनका कहना है …………………………..
अभी में जिला पंचायत मीटिंग में हु आपसे बाद में चर्चा करता हु
विमल बचले ब्लाक समवन्य स्वच्छ भारत मिशन जनपद पंचायत आमला
जिला पंचायत में मीटिंग में आया हु कल बात करूंगा
राजेंद्र गंगारे अध्यक्ष सचिव संघ जनपद पंचायत आमला
