सिविल अस्पताल से नही होगा डॉक्टर का तबादला विधायक योगेश पण्डाग्रे

लोगों में जताई नाराजगी, विधायक को सौंपा ज्ञापन
आमला. सिविल अस्पताल में वैसे ही डॉक्टरों की कमी बनी हुई है और जो चिकित्सक मौजूद है, उन्हें भी अन्य अस्पतालों में अटैच किया जा रहा है। जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों ने इसे लेकर विधायक को ज्ञापन भी सौंपा है। जिसमें अटैचमेंट निरस्त करने की मांग की है। दरअसल सिविल अस्पताल आमला से नगर सहित लगभग एक सैकड़ा से अधिक गांव जुड़े हुए है। जिन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं सिविल अस्पताल से ही मिलती है। अस्पताल के नाम पर एक विशाल भवन तो खड़ा है, किन्तु सुविधाएं सिविल अस्पताल की न होकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की ही है। चिकित्सकों की कमी से सिविल अस्पताल पहले से ही जूझ रहा था, अब बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर सिविल अस्पताल के डॉ. मुकेश वागद्रे को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैंसदेही अटैच कर दिया। जिससे लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सिविल अस्पताल में पदस्थ एकमात्र विशेषज्ञ चिकित्सक को हटाकर भैंसदेही पदस्थ कर देना आमला के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित करने जैसा है। लगभग एक वर्ष पहले आमला सिविल अस्पताल को बड़े जोर-शोर से एक विशेषज्ञ चिकित्सक की सौगात मिली थी और डॉ. मुकेश वागद्रे को सिविल अस्पताल आमला में पदस्थ किया गया था। लेकिन उन्हें अब अटैच कर दिया गया है। इस विषय मे विधायक योगेश पण्डाग्रे ने कहा कि मेरे बिना जानकारी में लाए कोई भी डॉक्टर का अटेचमेंट या तबादला नही किया जाएगा।स्वास्थ्य सेवाए लोगो को सुचारू रूप से मिल सके इसके लिए ओर बहेतर प्रयास किए जा रहे है।
अटैचमेंट के आदेश से लोगों में नाराजगी ……………
दो तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने एक आदेश जारी कर डॉ मुकेश वागद्रे को सिविल अस्पताल आमला से हटाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैंसदेही अटैच कर दिया जिसकों लेकर लोगो में नाराजगी है। इस विषय में प्रगतिशील व्यापारी संघ के अध्यक्ष अनिल सोनी ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि आमला में वैसे ही स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है आमला से किसी भी चिकित्सक को नही हटाया जाना चाहिए। आमला सिविल अस्पताल में बी.एम.ओ. सहित तीन एमबीबीएस. चिकित्सक पदस्थ है साथ ही एक विशेषज्ञ याने एम.डी. चिकित्सक है। वैसे ही सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। डॉ वागद्रे एकमात्र विशेषज्ञ चिकित्सक थे।
इनका कहना है –
भैंसदेही में डॉक्टरों की कमी के कारण कुछ दिनों के लिए अटैचमेट किया गया था। नियमित रूप से अटैचमेट नहीं है। डॉ. वागद्रे सिविल अस्पताल में ही रहेगे।
डॉ. रविकांत उइके, सीएमएचओ, बैतूल
मैंने जानकारी ली है। डॉ. मुकेश वागद्रे का अटैचमेंट नहीं किया गया है।
डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक आमला
