मोहम्मद शहंशाह पेश इमाम जामा मस्जिद द्वारा ईद की नमाज पढ़ाई गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बड़ा ही मुबारक दिन है इस दिन को अल्लाह हमें अनेक इनामों इकरामात से नवाजता है और बंदे पूरे रमजान के रोजे रखते है और अल्लाह की इबादत करते है। हमें चाहिए की हम जैसी ईद मनाते है वैसी ईद हम अपने उन भाई को भी मनवाएं जो गरीब हैं। जिनकी माली हालत कमजोर है उनकी ईद भी हमारी तरह मने उन्हें अहसास न हो कि वे कमजोर है या यह कर नहीं सकते।
सुबह से पहुंचे नमाजी : रमजान के पाक महीने की शुरुआत 11 मार्च से हुई थी। रमजान के पूरे महीने में रोजेदार रोजा रखते हैं। इस बार चांद का दीदार 10 अप्रैल को हुआ है इस बार ईद का त्योहार 11 अप्रैल ईद मनाई गई और ईद की नमाज अदा की गई। गुरूवार के रोज सुबह 8 बजे ईदगाह में पढ़ी गई । वहीं जामा मस्जिद बड़ी मजार नूरानी मस्जिद नरैया मुहल्ला गल्ला मण्डी मस्जिद में ईद की नमाज 8 बजकर 15 मिनट पर अदा की गई। साथ ही शहर केे शेखों के मोहल्ले की मस्जिद कादरी मस्जिद सुल्तानिया मस्जित बस स्टैण्ड पर और शहर की तमाम मस्जिदों पर ईद की नमाज 8 बजकर 30 मिनट पर अदा की गई।
हजारों की संख्या में पहुंचे लोग ईद पर्व के मौके पर मोहम्मद शहंशाह पेशे इमाम जामा मस्िजद ने कहा कि आज ईद के त्योहार पर ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की. इस मौके पर सभी भाईयों को अल्लाह का पैगाम देता हूं कि देश और दुनिया में आपसी भाईचारा कायम रखें। रमजान का महीना मुस्लिम समाज के लिए बहुत कीमती माना जाता है। इस महीने में अल्लाह की इबादत करके साल के 11 महीने में जो कमी या गलती हुई है, जिनसे रब नाराज हो गए हैं. वह सब एक महीने रोजा रखकर रमजान के महीने में रात को जागकर जब अल्लाह की इबादत करते हैं, तो अल्लाह भी उनकी गलतियों को माफ कर देता है।

